World Diabetes Day 2022: प्राकृतिक है इन्सुलिन, इससे भागे नहीं जल्द से जल्द करें इसका सेवन

Gorakhpur

oi-Punit Kumar Srivastava

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World Diabetes Day 2022 : आज विश्व मधुमेह दिवस है। पूरे विश्व में मधुमेह की रोगियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। आम लोगों में यह एक बड़ी समस्या के रुप में देखने को मिल रहा है। विश्व मधुमेह दिवस का उद्देश्य लोगों को मधुमेह के प्रति जागरुक करना एंव इससे कैसे बचा जाए इसके बारे में बताना है।विशेषज्ञ डॉक्टर क्या कहते हैं इस बिमारी को लेकर आज हम विस्तार से बताएंगे।जांच कैसे हो,दिनचर्या कैसी हो,इंसुलिन का क्या महत्व है इन सारी चीजों की पर चर्चा की गयी है।

sugar

शुगर की जांच का यह है सही तरीका
बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉक्टर राज किशोर सिंह ने बताया कि सबसे पहले तो आजकल शुगर की जांच ही गलत तरीके से की जा रही है। डायग्नोसिस सही नहीं हो रही है। समाज में गलतियों की वजह से भी शुगर के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इन गलतियों की वजह से भी इसमें उलझ रहे हैं लोग।खाली पेट शुगर 126 या इससे ऊपर आए। जांच से पहले पूरी नीद ली गयी हो। अल्कोहल या काफी ,चाय का सेवन न किया हो।आठ घंटे पेट खाली हो। पीपी करते समय 75ग्राम ग्लूकोज तीन सौ एमएल पानी में पीलाकर किया जाए। उसके दो घंटे बाद शुगर नापा जाए अगर वह 200 के ऊपर है तब शुगर माना जाएगा। एचबीए1सी जांच से भी शुगर की जांच करा सकते हैं।

सही जगह कराएं शुगर की जांच
डॉक्टर राजकिशोर सिंह ने बताया कि जगह-जगह बहुत सारे लोग या पैथालॉजी पर शुगर की जांच की जा रही है। बहुत जगहों पर शुगर की जांच गलत तरीके से की जा रही है। रैण्डम में 150 से अधिक आते ही मरीजों को शुगर की दवा देनी शुरु कर दी जा रही है। जो गलत है। अच्छे तरीके से जांच के बाद अगर 200 से अधिक है शुगर तब उसकी दवा चलनी चाहिए। दो सौ से कम होने पर प्री- डायबिटिक माना जाता है। और यह संभावना व्यक्त की जाती है कि मरीज को आगामी पांच वर्षो में शुगर हो सकता है। नियमित दिनचर्या व खान-पान में परिवर्तन कर 150 से अधिक व दो सौ से कम शुगर को नियंत्रित किया जा सकता है।

इन्सुलिन को दवाई न समझे
उचित मात्रा में इन्सुलिन लें।इसे दवा न समझिए। डॉक्टर की सलाह पर इसे शुरु से ही लेना शुरु कर दे।इन्सुलिन की है जो प्राकृतिक है। इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है।यह जीव में बनता है और जीव से निकाकर इसे सुरक्षित किया जाता है। इन्सुलिन सिर्फ शुगर को कंट्रोल नहीं करता सारे अंगो की रक्षा भी करता है।

शुगर के प्रकार
टाइप 1 डीएम पर्याप्त इंसुलिन का उत्पादन करने के लिए अग्न्याशय की विफलता का परिणाम है। इस रूप को पहले “इंसुलिन-आश्रित मधुमेह मेलाईटस” (आईडीडीएम) या “किशोर मधुमेह” के रूप में जाना जाता था। इसका कारण अक्सर आटोइम्मूनीटी होता है। टाइप 2 डीएम इंसुलिन प्रतिरोध या रेजिस्टेंस से शुरू होता है, एक हालत जिसमें कोशिका इंसुलिन को ठीक से जवाब देने में विफल होती है। जैसे-जैसे रोग की प्रगति होती है, इंसुलिन की कमी भी विकसित हो सकती है। इस प्रकार को पहले “गैर इंसुलिन-आश्रित मधुमेह” (एनआईडीडीएम) या “वयस्क मधुमेह” के रूप में जाना जाता था। इसका सबसे आम कारण शरीर का अत्यधिक वजन होना और पर्याप्त व्यायाम न करना है।

भारत में डायबिटीज के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के मुताबिक, देश में हर 10 में से एक व्यक्ति को डायबिटीज है। इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन की रिपोर्ट बताती है कि भारत में डायबिटीज के 77 मिलियन से ज्यादा मरीज है. यह आंकड़ा 2030 तक 100 मिलियन से अधिक हो सकता है। दुनिया की कुल डायबिटीक आबादी में से 17 फीसदी भारत में रहती है। पिछले कुछ सालों से यह बीमारी कम उम्र के लोगों को बच्चों को भी अपना शिकार बना रही है। देश में 40 मिलियन वयस्कों में ग्लूकोज टॉलरेंस की समस्या पाई गई है, जिससे डायबिटीज के पनपने का जोखिम बढ़ जाता है.इसमें चिंता की बात यह है कि इस बीमारी से पीड़ित कुल आबादी में से करीब 50 फीसदी का डायग्नोज नहीं हो पाया है। समय पर बीमारी का पता न चलने से इसके मरीजों को खतरा हो जाता है और हार्ट अटैक समेत कई बीमारियां होने की आशंका रहती है. देश में डायबिटीज के बढ़ते मामलों में टाइप-2 डायबिटीज के केस ज्यादा आ रहे हैं।

World Diabetes Day: इन घरेलू उपाय से कंट्रोल कर सकते हैं डायबिटीजWorld Diabetes Day: इन घरेलू उपाय से कंट्रोल कर सकते हैं डायबिटीज

मधुमेह के लक्षण

बहुत ज्यादा और बार बार प्यास लगना
बार बार पेशाब आना
लगातार भूख लगना
दृष्टी धुंधली होना
प्यास में वृद्धि
अत्यधिक भूख
अनायास वजन कम होना
चिड़चिड़ापन और अन्य मनोदशा कमजोरी और थकान को बदलते हैं
अकारण थकावट महसूस होना
अकारण वजन कम होना
घाव ठीक न होना या देर से घाव ठीक होना
बार बार पेशाब या रक्त में संक्रमण होना
खुजली या त्वचा रोग
सिरदर्द
धुंधला दिखना

English summary

World Diabetes Day 2022 doctors advice for sugar

Story first published: Monday, November 14, 2022, 12:07 [IST]

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