Video: आख‍िर क्‍यों मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने हाथों पर खाई सोंटे से मार? पढ़ें द‍िलचस्‍प वजह

हाइलाइट्स

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल प्रदेश की खुशहाली की कामना के लिए हर साल इस लोक अनुष्ठान में हिस्सा लेते हैं.
मान्यता है कि गौरा गौरी पूजा के मौके पर सोंटे से किए जाने वाले प्रहार से अनिष्ट टलते हैं और खुशहाली आती है.

दुर्ग. हर वर्ष की तरह परंपरा के अनुसार मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मंगलवार को दुर्ग जिले के पाटन ब्लाक के ग्राम जांजगीर पहुंचे. यहां उन्होंने गौरा गौरी पूजा की पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की. इस मौके पर बीरेंद्र ठाकुर ने मुख्यमंत्री के हाथों पर परंपरा अनुसार सोंटे से प्रहार किया. लोक मान्यता है कि गौरा गौरी पूजा के मौके पर सोंटे से किए जाने वाले प्रहार से अनिष्ट टलते हैं और खुशहाली आती है.

मुख्यमंत्री प्रदेश की खुशहाली की कामना के लिए हर साल इस लोक अनुष्ठान में हिस्सा लेते हैं. जांजगीर  पहुंचकर मुख्यमंत्री ने लोगों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि दीप पर्व आप लोगों के जीवन को इसी तरह जगमग करता रहे. मुख्यमंत्री ने कहा कि हर बार आप लोगों के बीच आकर मुझे बहुत खुशी महसूस होती है और दिवाली का आनंद आप लोगों के साथ साझा कर मन हर्षित हो जाता है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि अपने लोगों के साथ गौरा गौरी की पूजा का आनंद और भी बढ़ जाता है. त्योहार की खुशियों के साथ आप सबके जीवन में हमेशा सुख समृद्धि रहे, यही कामना है.

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इस बार भी निभाई वर्षों पुरानी परंपरा
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ग्राम जांजगीर में वर्षों से गौरा गौरी पूजा में शामिल होते जा रहे हैं. हर वर्ष वे हाथों में सोंटा का प्रहार सहकर प्रदेश की खुशहाली की कामना करते हैं. वीरेंद्र ठाकुर के पिता इसके पूर्व हाथों में छोटे मारने की परंपरा का निर्वहन करते आ रहे थे, लेकिन उनके निधन के बाद उनके पुत्र वीरेंद्र ठाकुर इस परंपरा को निर्वहन कर रहे हैं. माना जाता है यह सोंटा सारे दुखों को हर लेता है यही वजह है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल प्रदेश के मुखिया होने के कारण सोंटे का प्रहार सहकर व प्रदेश की खुशहाली की कामना कर रहे हैं.

Tags: Bhupesh Baghel, Chhattisgarh news

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