Vande Bharat train: वंदे भारत का ऐसा स्वागत ? जिस पर गर्व करता है देश, उस पर हुआ पथराव

वंदे भारत का ऐसा स्वागत ?

वंदे भारत का ऐसा स्वागत ?

छत्तीसगढ़ में वंदेभारत एक्सप्रेस का इस तरह स्वागत होगा,किसी ने नहीं सोचा था। यह नई रैक इस्तेमाल होने से पूर्व ही खंडित हो गई है। ट्रेन की 2 कोच के 2 खिड़कियों के शीशे चटख गए हैं। इस बात का संदेह प्रबल है कि इस ट्रेन की रैक में भी चेन्नई से बिलासपुर आते वक़्त कहीं पर पथराव किया गया है,किन्तु ट्रेन में सफर कर रहे यात्रियों को पता ही नहीं चला सका।

वंदेभारत एक्सप्रेस चेन्नई से बिलासपुर के चली, तब उसमे एक लोको पायलट, एक सहायक लोको पायलट, ट्रेन प्रबंधक के साथ रेल कोच फैक्ट्री चेन्नई के इंजीनियर्स और टेक्नीशियनों की 14 सदस्यों की टीम सवार थी ,जो इंजन के बाद लगे 2 कोच में सफर रहे थे।

फ़िलहाल 5 वन्दे भारत, जारी है ट्रेनिंग

फ़िलहाल 5 वन्दे भारत, जारी है ट्रेनिंग

चेन्नई की 13 सदस्यीय टीम 1 दिसंबर तक बिलासपुर रहेगी। वह देर रात ही बिलासपुर पहुंची है। कोचिंग डिपो में जोन के कर्मचारियों को कोच के बारे में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बहरहाल भारत की सबसे चलने वाली वंदेभारत ट्रेन का पहला लुक सबके सामने है। भारतीय रेल नेटवर्क में फ़िलहाल 5 वंदे भारत एक्सप्रेस और 4 तेजस एक्सप्रेस देश को समर्पित हैं।

देश में चल रही वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों में यात्रियों को केवल सुपरफास्ट सेवाएं ही नहीं बल्कि जीपीएस आधारित पैसेंजर इंफोर्मेशन सिस्टम, ऑटोमेटिक स्लाइडिंग द्वार ,जीरो डिस्चार्ज वैक्यूम बायो टॉयलेट जैसी कई विश्वस्तरीय सुविधाएं मिल रही हैं।

160 किलोमीटर की रफ़्तार से दौड़ती है यह गाड़ी

160 किलोमीटर की रफ़्तार से दौड़ती है यह गाड़ी

गौरतलब है कि देश के कई राज्यों को वंदेभारत ट्रेन की सुविधा मिलने वाली है। छत्तीसगढ़ की बात की जाये,तो सप्ताह में 6 दिन बिलासपुर से नागपुर के बीच यह चालू रहेगी। उम्मीद जताई जा रही है कि यह 11 दिसंबर से पटरी पर रफ्तार पकड़ लेगी। इस ट्रेन की अधिकतम गति 160 किलोमीटर प्रति घंटे की है। हालाकिं इसे छत्तीसगढ़ के रूट पर 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पर चलाकर देखा जा चुका है।

3 साल के भीतर 400 वन्दे भारत

3 साल के भीतर 400 वन्दे भारत

केंद्रीय मंत्री रेणुका सिंह का कहना कि केंद्रीय बजट में आगामी 3 साल के अंदर 400 वंदे भारत ट्रेनों को चलाने की घोषणा की गई है। उन्होंने कहा छत्तीसगढ़ को नई ऊंचाइयों में पहुंचाने के लिए पीएम मोदी की तरफ से किया जा रहा कार्य सराहनीय है। यह भी जानना जरुरी है कि रेलवे ने लगभग आठ साल पूर्व यह प्रोजेक्ट शुरू किया था। अब तक भारत के लोग विदेशों में यात्रा के दौरान ऐसी यात्री ट्रेनों में बैठा करते थे,लेकिन अब भारत में भी तेजी से सर्वसुविधायुक्त विश्वस्तरीय ट्रेनों का विस्तार किया जा रहा है,जिसपर देश गर्व की अनुभूति कर रहा है।

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