UP News: प्रतीक्षारत अधिकारियों की संख्या और इंतजार दोनों बढ़ा, बीते दिनों तीन और किए गए प्रतीक्षारत

सांकेतिक तस्वीर

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– फोटो : फाइल

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उत्तर प्रदेश में प्रतीक्षारत अधिकारियों की संख्या और इंतजार दोनों बढ़ गया है। पहले से प्रतीक्षारत छह अधिकारियों को तैनाती नहीं मिली, वहीं बीते शुक्रवार को हुए तबादलों के बाद इनकी संख्या जरूर बढ़ गई। अब ऐसे अधिकारियों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है। 

दरअसल एक अगस्त को लखनऊ में तैनात रहे पुलिस आयुक्त डीके ठाकुर और कानपुर के पुलिस आयुक्त विजय सिंह मीणा को प्रतीक्षारत कर दिया गया था। इन दोनों अधिकारियों की तैनाती अभी तक नहीं हो सकी है। इसके बाद सात सितंबर को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटे आईजी रैंक के अधिकारी अजय मिश्रा ने ज्वाइंनिग दे दी। डीजीपी मुख्यालय ने उन्हें भी प्रतीक्षारत कर दिया।

लंबे समय से निलंबित चल रहे डीआईजी अनंत देव और एसपी पवन कुमार को एक अक्तूबर को बहाल कर दोनों को भी प्रतीक्षारत की सूची में डाल दिया गया। एक नवंबर को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटे एडीजी रैंक के अधिकारी मुथा अशोक जैन को भी प्रतीक्षारत कर दिया गया।

माना जा रहा था कि अगली तबादलों की सूची में इन अधिकारियों को कहीं न कहीं तैनाती दे दी जाएगी लेकिन शुक्रवार को जारी तबादला सूची में इनका नाम नहीं था। जबकि तीन अन्य अधिकारियों मुरादाबाद से हटाए गए एसएसपी हेमंत कुटियाल, गाजीपुर से हटाए गए एसपी बोत्रे रोहन प्रमोद और उन्नाव से हटाए गए एसपी दिनेश त्रिपाठी को प्रतीक्षारत कर दिया गया।

प्रतीक्षारत अधिकारियों को नहीं मिलता वेतन
जो अधिकारी प्रतीक्षारत होते हैं, उनका वेतन नहीं बनता है। किसी पद पर नियमित तैनाती के बाद संबंधित अधिकारी का वेतन बनता है। जिसमें प्रतीक्षारत अवधि का भी वेतन दिया जाता है।

विस्तार

उत्तर प्रदेश में प्रतीक्षारत अधिकारियों की संख्या और इंतजार दोनों बढ़ गया है। पहले से प्रतीक्षारत छह अधिकारियों को तैनाती नहीं मिली, वहीं बीते शुक्रवार को हुए तबादलों के बाद इनकी संख्या जरूर बढ़ गई। अब ऐसे अधिकारियों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है। 

दरअसल एक अगस्त को लखनऊ में तैनात रहे पुलिस आयुक्त डीके ठाकुर और कानपुर के पुलिस आयुक्त विजय सिंह मीणा को प्रतीक्षारत कर दिया गया था। इन दोनों अधिकारियों की तैनाती अभी तक नहीं हो सकी है। इसके बाद सात सितंबर को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटे आईजी रैंक के अधिकारी अजय मिश्रा ने ज्वाइंनिग दे दी। डीजीपी मुख्यालय ने उन्हें भी प्रतीक्षारत कर दिया।

लंबे समय से निलंबित चल रहे डीआईजी अनंत देव और एसपी पवन कुमार को एक अक्तूबर को बहाल कर दोनों को भी प्रतीक्षारत की सूची में डाल दिया गया। एक नवंबर को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटे एडीजी रैंक के अधिकारी मुथा अशोक जैन को भी प्रतीक्षारत कर दिया गया।

माना जा रहा था कि अगली तबादलों की सूची में इन अधिकारियों को कहीं न कहीं तैनाती दे दी जाएगी लेकिन शुक्रवार को जारी तबादला सूची में इनका नाम नहीं था। जबकि तीन अन्य अधिकारियों मुरादाबाद से हटाए गए एसएसपी हेमंत कुटियाल, गाजीपुर से हटाए गए एसपी बोत्रे रोहन प्रमोद और उन्नाव से हटाए गए एसपी दिनेश त्रिपाठी को प्रतीक्षारत कर दिया गया।

प्रतीक्षारत अधिकारियों को नहीं मिलता वेतन

जो अधिकारी प्रतीक्षारत होते हैं, उनका वेतन नहीं बनता है। किसी पद पर नियमित तैनाती के बाद संबंधित अधिकारी का वेतन बनता है। जिसमें प्रतीक्षारत अवधि का भी वेतन दिया जाता है।



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