Tiger Alert : 4 किलोमीटर दायरे में 4 बाघ की दहशत में भोपाल वासी, मैनिट कैंपस में लगे अब दो पिंजरे

नए बाघ के पगमार्क

नए बाघ के पगमार्क

वन विभाग के सूत्रों के मुताबिक इस बाघ के पगमार्क पुराने बाघों के पग मार्क से मेल नहीं खा रहे हैं। इस मामले में डीएफओ आलोक पाठक ने घटना की पुष्टि की है। वहीं दूसरी तरफ मैनिट के एनआरआई हॉस्टल के पास बाघ ने गाय का शिकार किया है। इस हॉस्टल में तकरीबन ढाई सौ स्टूडेंट है। इसकी सूचना मिलते ही एपीसीसीएफ सुभारंजन सेन ने मौके पर जाकर मुआयना किया और पूरे इलाके में गश्त बढ़ा दी है।

मैनिट में अब दो पिंजरे लगेंगे

मैनिट में अब दो पिंजरे लगेंगे

पिछले दिनों से शांत बाघ 123-4 ने गुरुवार को मैनिट के एनआरआई हॉस्टल के पास गाय का शिकार किया। जानकारी मिलने पर यहां एपीसीएफ शुभरंजन से ने पहुंचकर अफसरों से जानकारी ली उन्होंने यहां दो नए पिंजरे लगाने के आदेश दिए। एक पिंजरा पहले लगाया गया था जबकि दूसरा आज लगाया गया। इसके अलावा 10 कैमरों के जरिए बाघ की लोकेशन को ट्रेस करने का प्रयास किया जा रहा है।

भोपाल वन मंडल के डीएफओ आलोक पाठक के अनुसार रातापानी अभ्यारण से बाघ समरधा गांव में पहुंचा है। यहां पर बाघ ने एक चरवाहे पर हमला किया। लेकिन उसने बाघ को डंडा मारकर अपनी जान बचा ली। अब चरवाह ठीक है।

आखिर क्यों आ रहे हैं टाइगर

आखिर क्यों आ रहे हैं टाइगर

वन विभाग से जुड़े सूत्रों के अनुसार जंगल की अपेक्षा शहरी इलाके में बाघों को भोजन आसानी से मिल रहा है। इस कारण इनका यहां पर मूवमेंट तेजी से बढ़ रहा है। इससे पहले दानिश हिल्स पर बाघ के होने की दहशत थी,लेकिन वन विभाग की टीम ने सर्चिंग करने के बाद दावा किया कि यहां बाग नहीं बल्कि हाइना के पगमार्क मिले। प्रत्येक दर्शकों का कहना है कि उन्होंने है ना नहीं बाघ को ही देखा था वन विभाग या नहीं बता पा रहा है कि बाघिन 123-3 आखिर है कहां ? उसने पिछले एक हफ्ते पर कहां शिकार किया ? इसकी जानकारी वन विभाग के पास नहीं है,यह हैरत की बात है।

इन इलाकों में है बाघ की दहशत

इन इलाकों में है बाघ की दहशत

कोलार से सटे वाल्मी की पहाड़ियों में बाघ मौजूद है। राजधानी के पॉश इलाके मैनिट में हॉस्टल के पास कई दिनों से बाघ घूम रहा है। दानिश हिल्स पर मॉर्निंग वॉक करते हुए लोगों ने बाघ को देखा। इसके बाद समरधा गांव में चरवाहे पर बाघ ने हमला किया है।

बता दे मैनिट परिसर में 13 दिनों से मौजूद बाघ को अब वन विभाग द्वारा खदेड़ने की तैयारी कर ली गई है। शुक्रवार को वन विभाग के अफसरों बताया कि एक-दो दिन के भीतर टाइगर को रेस्क्यू कर पकड़ेंगे या फिर उसे वाल्मी पहाड़ियों की ओर खदेड़ेंगे।

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