New Exoplanet: गैसों के इस गुबार पर है इंसानों के जिंदा रहने की उम्मीद! धरती से दोगुना बड़ा है यह अनोखा ग्रह

A Gas Giant Exoplanet: धरती के अलवा किसी दूसरे ग्रह पर जीवन की तलाश कर रहे दुनियाभर के स्पेस साइंटिस्ट्स लगातार रिसर्च कर रहे हैं. हाल ही में मानव सभ्यता को किसी और ग्रह पर बसाने को लेकर नासा ने आर्टमिस 1 लॉन्च किया था. इसके पहले चरण की शुरूआत हो चुकी है. कुछ वैज्ञानिक मंगल ग्रह को इंसानों के लिए बेहतर विकल्प मानते हैं. इसी तरह चीन के स्पेस साइंटिस्ट्स ने भी एक बार दावा किया था कि उनको फाइव-हंड्रेड-मीटर एपर्चर स्फेरिकल रेडियो टेलीस्कोप से किसी दूसरी दुनिया से कुछ सिग्नल मिले थे. इसी तरह की रिसर्च के बीच वैज्ञानिकों ने एक नए ग्रह की खोज की है.

कौन सा है यह नया ग्रह?

आपको बात दें कि हाल ही में वैज्ञानिकों ने स्पेस में एक नए ग्रह का पता लगाया है. हालांकि यह हमारे सौर मंडल से काफी दूर है. हमारे सौर मंडल से बाहर के ग्रहों को एक्सोप्लैनेट कहा जाता है. इस एक्सोप्लैनेट का नाम HD-114082b है और यह धरती से करीब दोगुना ज्यादा बड़ा है. इस ग्रह की बनावट ने वैज्ञानिकों को हैरान कर रखा है. रिसर्च के बाद वैज्ञानिकों ने कहा कि इस ग्रह का वजन अपने उम्र की तुलना में काफी ज्यादा है. जर्मनी में मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट फॉर एस्ट्रोनॉमी के एस्ट्रोफिजिसिस्ट ओल्गा जखोजाय ने कहा कि यह ग्रह गैसों से मिलकर बना है जिसकी उम्र करीब 1.5 करोड़ साल हो सकती है.

क्या है इस ग्रह की लोकेशन? 

एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिड़िक्स जर्नल में छपी एक रिपोर्ट की मानें तो यह धरती से करीब 300 प्रकाश वर्ष दूर है. इस ग्रह के साथ एक रोचक बात यह भी है अब तक रिसर्चर ने जितने भी ग्रह की खोज की है यह उनमें से सबसे कम उम्र का एक्सोप्लैनेट है. सालों की स्टडी के बाद वैज्ञानिकों ने कहा कि इस ग्रह का वजन बृहस्पति से करीब 8 गुना ज्यादा है. इस ग्रह से जुड़ी कई जानकारियों का पता लगना अभी बाकी है इसलिए जीवन के अस्तित्व के लिहाज से कुछ साफ-साफ कह पाना आसान नहीं है.

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