Jharkhand: गिरिडीह में ठनका गिरने से 40 मवेशियों की मौत, पशुपालकों ने की मुआवजे की मांग

हाइलाइट्स

मवेशियों के असमय काल के गाल में चले जाने से पशुपालकों में निराशा,
अच्छी बात यह रही कि इस वज्रपात में एक भी चारवाहे की मृत्यु नहीं हुई.

रिपोर्ट- एजाज अहमद
गिरिडीह. कुदरत जब अपना कहर बरपाता है तो क्या आदमी क्या जानवर, सभी इसकी चपेट में आ जाते हैं. मंगलवार को गिरिडीह जिले के भेलवाघाटी थाना क्षेत्र के जेरोडीह गांव में बीते देर शाम ठनका गिरने से 40 पशुओं की मौत हो गई. पशुपालकों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है. हालांकि अच्छी बात यह है कि इस वज्रपात में एक भी चारवाहे की मृत्यु नहीं हुई.

बताया जाता है कि बीते देर शाम मवेशियों को जंगल से चराकर घर लाने के क्रम में तेज बारिश होने लगी. बारिश से बचने के लिए सभी आठ चरवाहा वहां से कुछ दूरी पर ओट में छिप कर बचने लगे. वहीं कुछ दूरी पर मवेशियों का झुंड रुक गया. बारिश के दौरान मवेशियों के झुंड पर वज्रपात हुआ और इस दर्दनाक घटना में 22 भेड़, 12 बकरी और 6 गायों की जान चली गई.

मवेशियों के असमय काल के गाल में चले जाने से पशुपालकों में निराशा है. पशुपालक बबुआ बेसरा, सिरील बेसरा, चंदन मरांडी, विष्णु मुर्मू, संतोष बेसरा, विजय मरांडी, रंजीत मुर्मू, मंगरा बेसरा आदि ने मुआवजा देने की मांग की है. जिला परिषद सदस्य उस्मान अंसारी ने कहा कि गांव के छोटे छोटे किसान पशु पालन कर अपनी जीविकोपार्जन करते हैं. एक साथ 40 पशुओं की मौत से पशुपालकों को बड़ी क्षति हुई है. इसे देखते हुए पशुपालकों को उचित मुआवजा उपलब्ध कराए जाने की जरूरत है.

बता दें कि बीते देर शाम तक पशु चिकित्सक की एक टीम घटनास्थल पर पहुंचकर पशुओं का पोस्टमार्टम कराया. घटना को लेकर पशुपालक विजय मरांडी ने बताया कि उन लोगों का लाखों रुपए का नुकसान हुआ है. वे लोग पशुपालक हैं. परिवार का भरण पोषण इसी से होता था. आय का मुख्य जरिया यही पशु ही थे. ऐसे में पशुओं का वज्रपात में अचानक मर जाने से परिवार पर आफत आ पड़ी है. अब वे सभी गांव के किसान सरकार से उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं.

Tags: Giridih news, Jharkhand news, Lightning, Thunderstorm

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