Indore Controversial Book: इंदौर में लॉ की जिस किताब पर मचा है बवाल, उसके प्रकाशक ने बताया सच

इंदौर: शासकीय नवीन लॉ कॉलेज के विवादित किताब ‘सामूहिक हिंसा एवं दण्डिक न्याय पद्धति’ पर विवाद बढ़ता ही जा रहा है। किताब की लेखिका डॉ. फरहत खान पर केस दर्ज हुआ है। वहीं, इस पुस्तक को अमर लॉ पब्लिकेशन ने छापा है। पब्लिकेशन के मालिक हितेश खेत्रपाल ने नवभारत टाइम्स.कॉम से एक्सक्लूसिव बात की है। साथ ही उन्होंने विवादित किताब की पूरी कहानी बताई है। हितेश खेत्रपाल ने कहा कि किताब की विवादित लाइनों पर पहले भी विवाद हुआ है। इसके बाद उसकी प्रतियों को नष्ट कर दिया गया था। ऐसे में सवाल है कि उस कॉलेज में कैसे इसकी प्रतियां मौजूद थीं।

किताब को छापने वाले ने कहा कि साल 2021 में भी इस किताब को लेकर हिंदू संगठन और महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने भी विरोध जताया था, जिसके बाद लेखिका डॉ. फरहत खान ने माफी भी मांगी थी। माफी के बाद प्रकाशक ने सभी किताबों को नष्ट कर दिया था, उसके बाद किताब में विवादित कंटेंट को सुधार कर फिर से प्रकाशित किया गया था। इसके बावजूद 2015 से अब तक कॉलेज में यह विवादित किताब क्यों पढ़ाया जा रहा था। ये बड़ा सवाल है।

किताब की इन बातों पर विवाद
किताब में लिखा है कि पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान और बर्मा में संप्रदायिकता का संघर्ष नहीं है। शासन तो वहां भी सैकड़ों वर्ष अंग्रेजों का रहा था और अमेरिका का हस्तक्षेप आज भी इनकी सत्ता पर रहता है। किताब में लिखा है कि आज सारे हिंदू संगठन एक स्वर से मुसलमानों की कश्मीर में धारा 370 लगाकर विशेष सुविधाएं देने का विरोध यह कहकर करते हैं कि कश्मीर में उग्रवाद धारा 370 के कारण ही पनप रहा है। यदि इनसे पूछा जाए कि पंजाब में उग्रवाद क्यों है, बिहार, उत्तप्रदेश, असम में जहां हिंदू उग्रवाद है, वहां भी धारा 370 नहीं लगी है।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *