Gyanvapi Case: इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचा मुस्लिम पक्ष, जिला कोर्ट के फैसले को दी चुनौती

वाराणसी. वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर में श्रृंगार गौरी की नियमित पूजा अर्चना की इजाजत दिए जाने की मांग से जुड़ी याचिका पर वाराणसी के जिला जज की कोर्ट से आए फैसले को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है. जिला जज की अदालत से आए फैसले के खिलाफ मुस्लिम पक्ष इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गया है. मुस्लिम पक्ष ने आपत्ति की अर्जी खारिज किए जाने के फैसले को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी है.

ज्ञानवापी मस्जिद की अंजुमन ए इंतजामिया कमेटी की ओर से इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील दाखिल कर हाईकोर्ट का फैसला आने तक वाराणसी की जिला अदालत में चल रही सुनवाई पर रोक लगाए जाने की  मांग की गई है. ऑर्डर 7 रूल 11 के मामले में 12 सितंबर को आए फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है. ज्ञानवापी मस्जिद की इंतजामिया कमेटी की अर्जी पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में 18 अक्टूबर इस मामले में सुनवाई हो सकती है.

गौरतलब है कि दिल्ली की राखी सिंह समेत 5 महिलाओं ने वाराणसी की जिला अदालत में पिछले साल याचिका दाखिल की थी. याचियों ने याचिका दाखिल कर ज्ञानवापी परिसर में स्थित श्रृंगार गौरी की पूजा अर्चना नियमित तौर पर किए जाने की इजाजत दिए जाने की मांग की थी. सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर इस मामले की सुनवाई वाराणसी के जिला जज की कोर्ट में चल रही है. मुस्लिम पक्ष ने अदालत में आपत्ति दाखिल कर राखी सिंह समेत महिलाओं की याचिका को खारिज किए जाने की अपील की थी.

मुस्लिम पक्ष की तरफ से कहा गया था कि ऑर्डर 7 रूल 11 के तहत यह अर्जी सुनवाई के लायक नहीं है. महीनों चली सुनवाई के बाद जिला जज वाराणसी की कोर्ट ने अगस्त महीने में अपना जजमेंट रिजर्व कर लिया था. जिला जज ए के विश्वेश की कोर्ट ने 12 सितंबर को अपना फैसला सुनाया था. जिला जज ने मुस्लिम पक्ष की आपत्ति को खारिज करते हुए राखी सिंह केस को चलते रहने की इजाजत दी थी. इस फैसले के आने के बाद ही मुस्लिम पक्ष ने हाईकोर्ट जाने की बात कही थी. मुस्लिम पक्ष की ओर से दाखिल की गई याचिका में जिला जज के इसी फैसले को चुनौती दी गई है.

हाईकोर्ट में दाखिल मुस्लिम पक्ष की याचिका में एक बार फिर दोहराया गया है कि 1991 के प्लेसिस ऑफ वर्शिप एक्ट के तहत इस मामले की सुनवाई नहीं की जा सकती है. याचिका मेंइस मामले में हाईकोर्ट का फैसला आने तक वाराणसी की जिला अदालत में चल रही सुनवाई पर रोक लगाए जाने की भी मांग की गई है.

बता दें कि ज्ञानवापी विवाद से जुड़े पांच मामले पहले से ही इलाहाबाद हाईकोर्ट में पेंडिंग है, जिसमें तीन मामलों में बहस पूरी होने के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जजमेंट रिजर्व कर लिया है. जबकि विवादित परिसर के सर्वे से जुड़े दो मामलों में इलाहाबाद हाईकोर्ट में 18 अक्टूबर को सुनवाई होनी है. हालांकि राखी सिंह का केस पहली बार हाईकोर्ट की दहलीज पर आया है.

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