CM Yogi की संवेदना: वाराणसी में अपनी फ्लीट रोक एंबुलेंस को दिया रास्ता, दर्द से तड़प रही थी प्रसूता

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी भ्रमण के दौरान मानवीय संवेदना की बड़ी मिसाल पेश की। काशी दौरे के दौरान उन्होंने अपनी फ्लीट रुकवा कर बीमार युवती को अस्पताल में भर्ती कराया। वीआईपी प्रोटोकॉल के बीच मुख्यमंत्री के आदेश पर बीमार युवती के वाहन को स्कॉर्ट कराते हुए आशापुर स्थित निजी अस्पताल तक पहुंचाया गया। महिला प्रसव के बाद काफी गंभीर हालत में थी। फिलहाल महिला आईसीयू में भर्ती है। एंबुलेंस में एक महिला डिलवरी के बाद काफी गंभीर हालत में थी, जिन्हें उनके परिजन अस्पताल लेकर जा रहे थे।

इसी बीच मुख्यमंत्री का काफिला उधर से गुजर रहा था। पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने बताया कि मुख्यमंत्री का काफिला पुलिस लाइन से सारनाथ के लिए निकला ही था कि एक वाहन आता दिखा।वाहन में एक महिला जिनका नाम अंजलि सिंह है, काफी गंभीर हाल में थी। नीचे की स्लाइड्स में देखें…

अंजली को प्रसव के बाद ब्लीडिंग की गंभीर समस्या थी। ऐसे समय में तुरंत इस बात की जानकारी मुख्यमंत्री को दी गई। मुख्यमंत्री के संज्ञान में यह मामला आते ही उन्होंने तुरंत महिला को स्कॉर्ट कर अस्पताल में पहुंचाने का निर्देश दिया। 

महिला के वाहन के लिए तुरंत रास्ता खाली कराया गया। ट्रैफिक पुलिस की ओर से स्कॉर्ट करते हुए तुरंत अस्पताल तक पहुंचाया गया।  चौबेपुर थाना अंतर्गत धरहरा गांव निवासी अंजली के पति अभिषेक सिंह ने बताया कि पत्नी को अस्पताल लेकर जा रहे थे, तभी रास्ते में मुख्यमंत्री का काफिला आता दिखा। 

कहा कि लगा कि हमारी एंबुलेंस अब फंस जाएगी और हम समय पर अस्पताल नहीं पहुंच सकेंगे। अभिषेक के अनुसार तुरंत अपने इसकी जानकारी पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश को दी। जिसके बाद मुख्यमंत्री तक हमारी बात पहुंचाई गई। मुख्यमंत्री ने खुद संज्ञान लेते हुए हमारी एंबुलेंस को रास्ता मुहैया कराया। 

अभिषेक की मानें तो उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा था कि प्रशासन उनकी एंबुलेंस को आगे जाने देगा, लेकिन खुद मुख्यमंत्री ने जो संवेदनशीलता दिखाई है, उसके लिए उनका परिवार सदा आभारी रहेगा। अंजली को आशापुर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती है, जहां इलाज चल रहा है। 



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