Chandra Grahan 2022: देव दीपावली पर साल का आज आखिरी चंद्र ग्रहण, जयपुर में 42 मिनट का होगा चंद्र ग्रहण

लोकेश कुमार ओला

जयपुर. मंगलवार आठ नवंबर को साल का आखिरी चंद्र ग्रहण है. यह चंद्रग्रहण भारत में दिखाई देगा जिस कारण से इसका सूतक काल मान्य रहेगा. यह चंद्रग्रहण दोपहर के 02 बजकर 39 मिनट से शुरू हो जाएगा, जो शाम 06 बजकर 19 मिनट तक रहेगा. ग्रहण का मध्य सायंकाल 4.29 मिनट पर होगा. ज्योतिष परिषद एवं शोध संस्थान अध्यक्ष ज्योतिषाचार्य पंडित पुरुषोत्तम गौड़ के अनुसार जयपुर में ग्रहण पर्व सायंकाल 5.37 बजे से सांयकाल 6.16 बजे तक कुल 42 मिनट का होगा. वहीं, सूतक प्रातः 6.45 बजे से शुरू हो गया है. सूतक काल में किसी भी तरह का शुभ कार्य और पूजा-पाठ करने की मनाही है.

ग्रहण काल में मंदिरों में पूजा-अर्चना में बदलाव किया गया है. गोविन्द देवजी मंदिर की सायंकाल की झांकियों के समय में परिवर्तन किया गया है जिसमें शाम 5 बजे से 5.15 बजे होने वाली झांकी शाम 4.45 बजे से 5.15 तक, शाम 5.45 से 6.45 तक होने वाली रात 8 बजे से 8.15 बजे, 8.45 बजे से 9 बजे तक और रात 8 बजे से 8.15 बजे तक होने वाली झांकी रात 9.30 बजे से 9.45 बजे तक होगी. वहीं, अन्य मंदिरों में शाम की आरती का समय बदल गया है. ग्रहण के बाद भगवान को नहला कर पूजा-अर्चना की जाएगी. वहीं, सूतक काल मे मंदिरों में हवन भी किया जाएगा.

इन जातकों के लिए अशुभ होगा चंद्र ग्रहण
ज्योतिषाचार्य पंडित पुरुषोत्तम गौड़ ने बताया कि यह ग्रहण भरणी और मेष राशि में घटित हो रहा है इसलिए इस नक्षत्र व राशि में जन्मे व्यक्तियों के लिए विशेष कष्टप्रद रहेगा. इसके अलावा वृष, सिंह, कन्या, तुला, धनु, मकर, मीन राशि के जातकों के लिए यह ग्रहण अच्छा नहीं रहेगा. हालांकि मिथुन, कर्क, वृश्चिक और कुंभ राशि के जातकों के लिए कोई बुरा प्रभाव नहीं पड़ेगा.

मेष राशि के जातकों में दुर्घटना और भय, वृषभ के जातकों में धन हानि, मिथुन के जातकों में उन्नति व लाभ, कर्क के जातकों को सुख और वैभव, सिंह के जातकों को मानहानि और भय, कन्या के जातकों को शरीरिक कष्ट, तुला के जातकों को दाम्पत्य कष्ट, वृश्चिक के जातकों को कार्य सिद्धि, धनु के जातकों को चिंता और पीड़ा, मकर के जातकों को रोग व भय, कुंभ के जातकों को धन लाभ, मीन के जातकों को व्यय और वृद्धि का असर देखा जा सकता है.

दुष्प्रभाव के लिए यह उपाय करें
ज्योतिषाचार्य ने बताया कि धार्मिक जनों को सूतक प्रारंभ हो जाने के बाद बच्चों, वृद्ध व रोगियों को छोड़कर भोजन आदि नहीं करना चाहिए. राजनेताओं में खींचतान बढ़ेगी. ग्रहण के समय चन्द्र, राहु का सूर्य-बुद्ध शुक्र केतु से सम सप्तक योग बनने से प्राकृतिक प्रकोप से जन धन की हानि और धातु व रस पदार्थों में तेजी होगी. चंद्र ग्रहण के अशुभ फल से बचने के लिए जातकों को यथा शक्ति दान, जप, पाठ करना चाहिए.

Tags: Astrology, Jaipur news, Lunar eclipse, Rajasthan news in hindi

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