Chaitra Navratri 2023: लेहड़ा देवी मंदिर जहां ‘यक्ष’ ने किए थे युधिष्ठिर से प्रश्न

लेहड़ा देवी का प्रसिद्ध मंदिर महराजगंज जिले के फरेंदा- बृजमनगंज मार्ग पर स्थित है। इस मंदिर की स्थापना पांडवों के अज्ञातवास के दौरान द्रौपदी ने किया था।

Maharajganj

oi-Punit Kumar Srivastava

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lehara


Lehra
Devi
temple
Mahrajganj:

उत्तर
प्रदेश
के
गोरखपुर
संभाग
के
महराजगंज
जिले
में
स्थित
लेहड़ा
देवी
का
प्रसिद्ध
मंदिर
श्रद्धालुओं
के
आस्था
का
प्रमुख
केन्द्र
हैं।
यह
मंदिर
महराजगंज
के
फरेंदा-
बृजमनगंज
मार्ग
पर
स्थित
है।
यह
मंदिर
कई
मान्यताओं
के
लिए
प्रसिद्ध
है।
ऐसा
माना
जाता
है
कि
महाभारत
काल
में
जब
पांडवों
को
वनवास
हुआ
था
तब
उन्होंने
यहां
के
घने
जंगलों
में
वास
किया
था
और
युधिष्ठिर
से
यही
पर
यक्ष
के
प्रश्नों
का
जवाब
भी
दिया
था।
चैत्र
नवरात्रि

शारदीय
नवरात्रि
पर
यहां
भक्तों
की
भारी
भीड़
रहती
है।

ma


युधिष्ठिर
ने
दिया
था
यक्ष
के
प्रश्नों
का
जवाब

मान्यताओं
के
मुताबिक,
यह
मंदिर
प्राचीन
समय
में
घने
जंगलों
से
आच्छादित
था।
इसी
जंगल
में
एक
नाला
बहा
करता
था।
इसी
के
समीप
मां
दुर्गा
की
पिंडी
थी।
इसी
जंगल
में
महाभारत
काल
में
पांडवों
ने
वास
किया
था
और
इसी
स्थान
पर
यक्ष
ने
युधिष्ठिर
से
प्रश्न
किए
थे।
युधिष्ठिर
ने
यक्ष
के
प्रश्नों
का
जवाब
देते
हुए
अपने
भाईयों
के
प्राण
बचाए
थे।
मान्यता
है
कि
इस
मंदिर
की
स्थापना
द्रौपदी
ने
की
थी।


चीनी
यात्री
ह्वेनसांग
ने
किया
उल्लेख

इस
मंदिर
का
महत्व
इस
बात
से
भी
लगाया
जाता
है
कि
प्राचीन
समय
में
यहां
चीनी
यात्री
ह्वेनसांग
भी
आया
था।
जिसने
यहां
की
चर्चा
अपने
यात्रा
वृतांत
में
की
है।

ma


जलती
है
अखंड
ज्योति

लेहड़ा
देवी
मंदिर
के
समीप
में
पौहारी
बाबा
का
प्राचीन
मठ
है।
जो
इस
मंदिर
से
जुड़े
थे।
यहां
पर
24
घंटे
अखण्ड
ज्योति
जलती
है।
यहां
से
श्रद्धालु
भभूत
ले
जाते
हैं।


दूर-
दूर
से
आते
हैं
श्रद्धालु

यह
मंदिर
नेपाल
सीमा
के
समीप
है।
वैसे
तो
साल
भर
तक
इस
मंदिर
भक्तों
का
आना
जाना
लगा
रहता
है।
लेकिन
चैत्र

शारदीय
नवरात्र
में
यहां
भक्तों
की
भारी
भीड़
रहती
है।
यहां
नेपाल,
बिहार,
सहित
देश
के
कई
हिस्सों
से
श्रद्धालु
आते
हैं।
मां
भक्तों
की
मुरादें
पूरी
करती
हैं।

Chaitra Navratri 2023: मां दुर्गा का एक ऐसा अनोखा मंदिर जहां ताड़ के पेड़ से निकलने लगा था खून, यह है मान्यताChaitra
Navratri
2023:
मां
दुर्गा
का
एक
ऐसा
अनोखा
मंदिर
जहां
ताड़
के
पेड़
से
निकलने
लगा
था
खून,
यह
है
मान्यता

ma

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पूजा


इस
मार्ग
से
पहुंचे

गोरखपुर
से
सोनौली
जा
रहे
मुख्य
मार्ग
से
यहां
पहुंच
सकते
हैं।
यह
फरेंदा-
बृजमनगंज
मार्ग
पर
स्थित
है।
रेल
से
लेहड़ा
रेलवे
स्टेशन
से
यह
मंदिर
तीन
किलोमीटर
की
दूरी
पर
है।
बस,
ऑटो
यह
किसी
भी
निजी
साधन
से
यहां
पहुंच
सकते
हैं।

English summary

chaitra navratri 2023 lehara devi temple mahrajganj

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