Book Review: कुछ अपनी कुछ उनकी (साक्षात्कार संग्रह)

बोधि प्रकाशन के तले सन् 2018 में प्रकाशित प्रसिद्ध कवयित्री और लेखिका कृष्णा कुमारी की यह…

चींटी के सामने इंसान (व्यंग्य)

कुछ भी हो, मगर छोटी छोटी चींटियों की गणना की खबर सुनकर खुशी तो होती है…

जब सरकार बदलती है (व्यंग्य)

जनता भी नेताओं की तरह सच्चे झूठे वायदे करती है। नकली मुस्कुराहटें लेती और बनावटी मुस्कुराहटें…

सफाई से पटाने का ज़माना (व्यंग्य)

विज्ञापन में ख़ास बात यह है कि मानवीय रिश्तों का ख्याल बुहारने बारे कहा गया है।…

फाइवजी से सिक्सजी तक (व्यंग्य)

एक दिन हमने विश्व की पहली अर्थव्यवस्था बनना है। इस संदर्भ में उन्होंने समझाया, जब किसी…

फुटबाल की राजनीति और राजनीति में फुटबाल (व्यंग्य)

Prabhasakshi फुटबाल में एक स्ट्राइकर होता है जिसके ऊपर विरोधी टीम पर गोल कर अपनी टीम…

भूख सूचकांक को समझना (व्यंग्य)

Creative Commons licenses सूचकांक व विवरणी बनाने और निरीक्षकों को कुशाग्र तरीके से हैंडल करने में…

मानव विकास में आगे (व्यंग्य)

शिक्षा का क्षेत्र जुगाडू होने की उपयोगी शिक्षा देता है। एक से एक बढ़िया, प्राइवेट महंगे…

एक खबर में सबकी क़बर (व्यंग्य)

पत्रकार ने कहा, एक यूजर ने कमेंट बॉक्स में लिख डाला कि दम है तो अपनी…

टोपी पहनाने वाले (व्यंग्य)

Prabhasakshi नेताजी सिगरेट का कश लगाते हुए बड़े इत्मिनान के साथ कहा– देखो सेक्रेटरी! यह जनता…