Azamgarh की प्रेमिका के बिछाए जाल में फंस गया Jaunpur का प्रेमी, 5 साल से चल रही थी लव स्टोरी

प्रेमी का साथ नहीं छोड़ना चाहती थी प्रेमिका

प्रेमी का साथ नहीं छोड़ना चाहती थी प्रेमिका

दरअसल आजमगढ़ जिले के बरदह थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली 25 वर्षीय युवती जौनपुर जिले के गौराबादशाहपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक गांव के रहने वाले युवक से 5 वर्षों से प्रेम करती थी। 5 साल में दोनों ने एक दूसरे से कई बार मुलाकात किया और साथ जीने मरने की कसम भी खाए। प्रेमिका द्वारा जब शादी करने का दबाव बनाया गया तो प्रेमी पल्ला झाड़ने लगा। प्रेमिका उसके बगैर जीना नहीं चाहती थी और हर हाल में उसके साथ ही अपना जीवन बिताना चाहती थी। प्रेमिका ने कई बार प्रेमी को समझाया लेकिन वह शादी करने की बात पर आनाकानी करने लगता और अंत में वह शादी करने से इनकार कर दिया।

पुलिस से मिलकर प्रेमिका ने बताई कहानी

पुलिस से मिलकर प्रेमिका ने बताई कहानी

प्रेमी द्वारा शादी से इंकार किए जाने के बाद प्रेमिका पुलिस के पास पहुंची और अपनी लव स्टोरी पुलिस से बताई। पुलिसकर्मियों द्वारा कहा गया कि प्रेमी यदि मुलाकात करने आता है तो उसी दौरान तुम पुलिस को सूचना दे देना। प्रेमिका तैयार हुई और उसने प्रेमी को अपने गांव के समीप शुक्रवार को मिलने के लिए बुलाया। प्रेमिका द्वारा बुलाए जाने के बाद मिलने के लिए तैयार हो गया और उससे मुलाकात करने के लिए पहुंचा एक ही दौरान वहां पहले से ही पुलिस तैनात थी और प्रेमी को पकड़ ली। पुलिस द्वारा पकड़े जाने के बाद प्रेमी आवाक रह गया। पुलिस के सामने भी उसने शादी करने से इनकार कर दिया।

दोनों के परिजनों को दी गई सूचना

दोनों के परिजनों को दी गई सूचना

प्रेमी और प्रेमिका को पकड़ कर पुलिस बरदह थाने पर पहुंची और दोनों के परिजनों को फोन से सूचना दी गई। सूचना मिलने के बाद दोनों परिवारों के लोग थाने पर पहुंचे और पूरा मामला जानने के बाद परिजन भी हैरान रह गए। उसके बाद दोनों पक्षों में देर तक पंचायत चली और दोनों परिवारों के लोग शादी के लिए तैयार हो गए। बावजूद इसके प्रेमी शादी के लिए तैयार नहीं हो रहा था, ऐसे में पुलिस द्वारा प्रेमिका की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्यवाही करने की बात कही गई। बाद में प्रेमी को भी अपनी गलती का एहसास हुआ और वह शादी करने के लिए राजी हो गया।

थाने में सुलहनामा और मंदिर में शादी

थाने में सुलहनामा और मंदिर में शादी

थाने में ही एक सुलहनामा लिखा गया जिस पर प्रेमी प्रेमिका के साथ ही दोनों के परिजनों ने भी हस्ताक्षर किया। सुलहनामा किए जाने के बाद थाने के समीप स्थित एक मंदिर में प्रेमिका और एक दूसरे के गले में माला पहना कर पति-पत्नी के रूप में स्‍वीकार किया। वहां पर मौजूद दोनों पक्ष के लोगों ने वर-वधू को आशीर्वाद दिया और फिर प्रेमिका सज धज कर अपने ससुराल के लिए विदा हो गई। इस मामले को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चा चल रही है।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *