Agra: आपत्तिजनक फोटो खींचकर महिला चिकित्सक को किया ब्लैकमेल, पांच आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

सांकेतिक तस्वीर

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– फोटो : अमर उजाला

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आगरा के थाना शाहगंज की एक महिला चिकित्सक को आपत्तिजनक फोटो खींचकर ब्लैकमेल किया गया। पांच लाख रुपये की चौथ मांगी गई। रकम नहीं देने पर फोटो वायरल किए गए। फतेहगढ़ केंद्रीय कारागार में बंद कुख्यात ने भी धमकाया। चिकित्सक को आगरा छोड़ना पड़ा। मामला सुर्खियों में रहा। इसके बावजूद पुलिस सात आरोपियों में से केवल एक को ही गिरफ्तार कर सकी। अब मुकदमे में पांच के खिलाफ चार्जशीट लगाई गई है। एक के खिलाफ सुबूत नहीं मिलने पर नाम निकाल दिया, जबकि नामजद कुख्यात को बी वारंट पर आगरा नहीं लाया जा सका। 

महिला चिकित्सक ने 16 मार्च को थाने में ब्लैकमेलिंग और चौथ वसूली के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे में ऋषि मार्ग निवासी महेश और उसके भाई सुधीर सहित सात को नामजद किया था। आरोप था कि महेश और उसके परिजन ने घर बुलाकर बेहोश किया। आपत्तिजनक फोटो खींचे। फोटो सार्वजनिक करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने लगे। पांच लाख रुपये की चौथ मांगी। रुपये नहीं देने पर फोटो वायरल कर दिए। जेल में बंद कुख्यात से फोन करवाया। जान से मारने की धमकी दी गई। पुलिस ने आरोपी महेश को जेल भेजा। महिला चिकित्सक आगरा छोड़कर राजस्थान चली गईं।

इन आरोपियों के खिलाफ लगाई चार्जशीट 

थाना शाहगंज के प्रभारी निरीक्षक जसवीर सिंह सिरोही ने बताया कि महिला चिकित्सक को ब्लैकमेल करने के मामले में आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल कर दिया गया है। इसमें महेश कुमार, वंदना, सुमन, रेनू और ममता सिंह के खिलाफ चार्जशीट लगाई गई है। उनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिले थे। फोटो वायरल किए गए थे। कॉल डिटेल भी मिली थीं। किरन देवी की नामजदगी गलत पाई गई। वह 80 साल की बुजुर्ग हैं।

ये थे नामजद

मुकदमे में ऋषि मार्ग निवासी महेश कुमार, उसकी पत्नी वंदना, मां किरन देवी, बहन गुरुग्राम निवासी ममता सिंह, साली जयपुर निवासी रेनू सिंह, सुमन और भाई सुधीर कुमार को नामजद किया गया था। सुधीर फतेहगढ़ जेल में बंद है। वह उम्र कैद की सजा काट रहा है। आईटी एक्ट समेत कई संगीन धाराएं लगी हैं। 

दो बार भेजे गए थे रिमाइंडर 

निरीक्षक ने बताया कि मुकदमे में नामजद सुधीर कुमार सिंह फतेहगढ़ केंद्रीय कारागार में उम्र कैद की सजा काटने के कारण बी वारंट दाखिल किया गया था। मगर, वह आगरा न्यायालय में तलब होकर नहीं आया। इसके लिए जेल प्रशासन को दो रिमाइंडर भी भेजे गए थे। इस कारण अभी आरोपी के खिलाफ विवेचना की जा रही है।

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आगरा के थाना शाहगंज की एक महिला चिकित्सक को आपत्तिजनक फोटो खींचकर ब्लैकमेल किया गया। पांच लाख रुपये की चौथ मांगी गई। रकम नहीं देने पर फोटो वायरल किए गए। फतेहगढ़ केंद्रीय कारागार में बंद कुख्यात ने भी धमकाया। चिकित्सक को आगरा छोड़ना पड़ा। मामला सुर्खियों में रहा। इसके बावजूद पुलिस सात आरोपियों में से केवल एक को ही गिरफ्तार कर सकी। अब मुकदमे में पांच के खिलाफ चार्जशीट लगाई गई है। एक के खिलाफ सुबूत नहीं मिलने पर नाम निकाल दिया, जबकि नामजद कुख्यात को बी वारंट पर आगरा नहीं लाया जा सका। 

महिला चिकित्सक ने 16 मार्च को थाने में ब्लैकमेलिंग और चौथ वसूली के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे में ऋषि मार्ग निवासी महेश और उसके भाई सुधीर सहित सात को नामजद किया था। आरोप था कि महेश और उसके परिजन ने घर बुलाकर बेहोश किया। आपत्तिजनक फोटो खींचे। फोटो सार्वजनिक करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने लगे। पांच लाख रुपये की चौथ मांगी। रुपये नहीं देने पर फोटो वायरल कर दिए। जेल में बंद कुख्यात से फोन करवाया। जान से मारने की धमकी दी गई। पुलिस ने आरोपी महेश को जेल भेजा। महिला चिकित्सक आगरा छोड़कर राजस्थान चली गईं।

इन आरोपियों के खिलाफ लगाई चार्जशीट 

थाना शाहगंज के प्रभारी निरीक्षक जसवीर सिंह सिरोही ने बताया कि महिला चिकित्सक को ब्लैकमेल करने के मामले में आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल कर दिया गया है। इसमें महेश कुमार, वंदना, सुमन, रेनू और ममता सिंह के खिलाफ चार्जशीट लगाई गई है। उनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिले थे। फोटो वायरल किए गए थे। कॉल डिटेल भी मिली थीं। किरन देवी की नामजदगी गलत पाई गई। वह 80 साल की बुजुर्ग हैं।



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