मेरठ के दंपती ने तैयार की श्रीरामचरित मानस की अनोखी डिक्शनरी, बताया 1706 दोहों में प्रयोग किया गया ‘स’ वर्ण

हाइलाइट्स

मेरठ के दंपती ने रामचरित मानस की अनूठी वर्णमाला ही तैयार कर डाली है.
पुस्तक में उल्लेख है कि कौन से वर्ण से कितनी चौपाइयां, दोहे या छंद इत्यादि लिखे गए हैं.
ब्रज मोहन गर्ग ने बताया कि उनकी पत्नी निशा ने 6 महीने तक 6 से 8 घंटे प्रतिदिन मेहनत की.

मेरठ: आजकल श्रीराम के अनेकानेक भक्त देखे जा रहे हैं. कोई राम नाम लिखने में ही अपना जीवन बिता रहा है तो किसी ने रामचरित मानस की अनूठी वर्णमाला ही तैयार कर डाली है. मेरठ के रहने वाले गर्ग दंपती ने तो रामायण की चौपाइयों को लेकर अनूठी रिसर्च की है. इस दंपती ने एक पुस्तक में इस बात का उल्लेख किया है कि कौन से वर्ण से कितनी बार चौपाइयां, दोहे या छंद इत्यादि लिखे गए हैं. इसे आप श्रीरामचरित मानस की डिक्शनरी भी कह सकते हैं.

गोस्वामी तुलसीदास रचित प्रसिद्ध महाकाव्य श्रीरामचरित मानस को मेरठ के सदर बाजार ढोलकी मोहल्ला निवासी रामभक्त दंपती ब्रज मोहन गर्ग और निशा गर्ग ने सात कांडों में बद्ध श्रीरामचरित मानस को हिन्दी वर्णमाला के 23 अक्षरों में पिरोया और व्यवस्थित किया है. उन्होंने दावा किया है कि देशभर में उनका यह कार्य अनूठा एवं पहला है. पेशे से व्यापारी ब्रज मोहन गर्ग एवं निशा गर्ग ने रामचरित मानस की हर चौपाई, दोहे, सोरठे, छंद और श्लोकों को इनके आरंभ होने वाले प्रथम अक्षर के अनुसार व्यवस्थित किया है.

6 माह तक रोजाना 8 घंटे की मेहनत
ब्रज मोहन गर्ग ने बताया कि उनकी पत्नी निशा ने छह महीने तक छह से आठ घंटे प्रतिदिन मेहनत कर 43 वर्णमाला के अक्षरों को लिपिबद्ध किया. इनकी कुल संख्या 10,733 है. स शब्द से शुरू होने वाली रामायण की 1074 चौपाइयां हैं. उनका कहना है कि ऋ, क्ष, ज्ञ अक्षरों से कोई दोहा आरंभ नहीं होता है. हिंदी वर्ण माला के अ, ड, ण से कोई शब्द आरंभ नहीं होता है. वर्णमाला के क्रम के अनुसार लिखी पुस्तक में कौन सी चौपाई किस कांड से ली गई है, इसका भी उल्लेख है.

ब्रज मोहन गर्ग और निशा गर्ग ने सात कांडों में बद्ध श्रीरामचरित मानस को हिन्दी वर्णमाला के 23 अक्षरों में पिरोया और व्यवस्थित किया है.

ब्रज मोहन गर्ग और निशा गर्ग ने सात कांडों में बद्ध श्रीरामचरित मानस को हिन्दी वर्णमाला के 23 अक्षरों में पिरोया और व्यवस्थित किया है.

राम भक्त है पूरा परिवार
श्रीरामचरित मानस वर्णमाला अनमोल रत्न के नाम से 440 पृष्ठों की पुस्तक को तैयार कराकर इसे वह आम लोगों के बीच भी बांटते हैं. तुलसी की राम कथा में सबसे ज्यादा स अक्षर से 1706, सबसे कम ओ और ष अक्षर से एक- एक चौपाई है. राम भक्त परिवार का घर भी एक तरह से मंदिर में तब्दील है. यहां राम दरबार स्थापित है. घर के अंदर चौपाइयां लिखी हुई हैं.

Tags: Ayodhya ram mandir, Meerut news, Ram Mandir, Ramayan

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *