पीएम मोदी की कोशिशों से रूस-यूक्रेन युद्ध रुका और भारतीय छात्र भारत लौट सके: राजनाथ सिंह

पीएम मोदी की कोशिशों से रूस-यूक्रेन युद्ध रुका और भारतीय छात्र भारत लौट सके: राजनाथ सिंह

पीएम मोदी के कारण ही चार-पांच घंटे का संघर्ष विराम हुआ.

Russia Ukraine War: केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh London Visits) इस समय लंदन दौरे पर हैं. बुधवार को पीएम मोदी की प्रशंसा करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि विश्व में भारत अपनी एक अलग पहचान बना चुका है. आज पूरी दुनिया भारत की तरफ देख रहा है. रक्षा मंत्री ने रूस के साथ सैन्य संघर्ष के बीच यूक्रेन (Russia Ukraine War) में फंसे भारतीय नागरिकों को निकालने के प्रयासों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भरपूर प्रशंसा की. इस बीच, भारतीय समुदाय के सदस्यों ने बुधवार को लंदन में भारतीय उच्चायोग में ‘भारत माता की जय और ‘वंदे मातरम’ के नारे लगाकर रक्षा मंत्री का हार्दिक स्वागत किया.

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बुधवार को लंदन में एक नागरिक अभिनंदन समारोह में संबोधित करते उन्होंने कहा, पीएम मोदी ने एक सुरक्षित गलियारा सुनिश्चित करने के लिए दोनों देशों के नेताओं के साथ बातचीत की. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के कारण ही चार-पांच घंटे का संघर्ष विराम हुआ. इस कारण भारतीय छात्र और नागरिकों को आसानी से निकाला जा सका.

Rajnath Singh London Visit: राजनाथ सिंह ने कहा “जब रूस और यूक्रेन के बीच सैन्य संघर्ष छिड़ गया, तो कीव और यूक्रेन में अन्य जगहों पर पढ़ रहे हमारे बच्चों के माता-पिता काफी चिंतित थे. उन्हें सुरक्षित वापस लाने के लिए देश के पीएम मोदी ने जिम्मेदारी लेते हुए सबकी सुरक्षा सुनिश्चित की. उन्होंने तुरंत रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को फोन किया और साथ ही साथ यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की से भी बात की. साथ ही साथ यह भी सुनिश्चित किया कि अमेरिका के कारण छात्रों की सुरक्षा पर कोई असर ना पड़े ऐसे में पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति से भी बात की. यह पीएम मोदी का ही प्रयास था कि युद्ध को 4-5 घंटे के लिए रोक दिया गया. यूक्रेन से करीब 22,000 से अधिक छात्रों को बाहर निकाला जा सका.

राजनाथ सिंह ने कहा कि यूक्रेन में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए ‘ऑपरेशन गंगा’ के तहत 80 उड़ानोंं से तमाम भारतीय नागरिकों और छात्रों को निकाला गया था. इसके साथ सरकार ने दो दर्जन से अधिक केंद्रीय मंत्रियों को भी बिना किसी रुकावट के निकासी अभियानों की निगरानी करने का काम सौंपा था.

प्रधान मंत्री मोदी ने भारतीयों की निकासी की निगरानी के लिए अपने चार केंद्रीय कैबिनेट सहयोगियों – ज्योतिरादित्य सिंधिया, हरदीप सिंह पुरी, किरेन रिजिजू और वीके सिंह को हंगरी, रोमानिया, स्लोवाकिया और पोलैंड भेजा.

भारत सरकार ने निकासी प्रक्रिया की निगरानी करने और दिल्ली और मुंबई हवाई अड्डों पर साथी मूल निवासियों को व्यक्तिगत रूप से प्राप्त करने के लिए मंत्रियों को भी शामिल किया है, क्योंकि वे ‘ऑपरेशन गंगा’ के तहत हंगरी, रोमानिया, स्लोवाकिया और पोलैंड से आए थे।

UPI ट्रांजैक्शन ने बदला विश्व का नज़रिया

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि देश में सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के विकास में भारी निवेश और डिजिटल बूम हुआ है. रक्षा मंत्री ने कहा, “जब डिजिटल लेनदेन की बात आती है, तो भारत के अलावा किसी अन्य देश में 80 करोड़ इंटरनेट उपयोगकर्ता नहीं हैं. पूरी दुनिया ने इसे स्वीकार किया है. हमारे देश में अब तक यूपीआई के माध्यम से लगभग 130 लाख करोड़ डिजिटल लेनदेन हो चुके हैं.”

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