शुभम मरमट/उज्जैन. मकर संक्रांति पर पतंगबाजी के शौकीन कई दिनों पहले से ही डोर, मांझे और पतंग की तैयारी शुरू कर देते हैं. कुछ दिनों से बाजार में चाइनीज मांझा फिर दिखने लगा है. इसके कारण पक्षियों और लोगों के घायल होने की सूचनाएं मिलती रहती हैं. पतंगबाजी में चाइना डोर के उपयोग पर प्रतिबंध के बाद पुलिस एक्शन में आ गई है. महाकाल टीआई व टीम ने तोपखाना पर पतंग दुकानों पर जांच की. दुकान संचालकों की बैठक लेकर उन्हें चाइनीज मांझा की बिक्री नहीं करने की समझाइश दी.
महाकाल टीआई अजय वर्मा ने बताया कि पतंग एवं मांझा विक्रेताओं की तोपखाना स्थित पारू पतंग सेंटर पर मीटिंग ली गई. इस दौरान सभी दुकान संचालकों को समझाइश दी गई कि वे चाइनीज मांझा का विक्रय नहीं करें. इसके अलावा अपनी-अपनी दुकानों पर बोर्ड लगाएं कि उनके यहां पर चाइना डोर का विक्रय नहीं किया जाता है. टीआइ ने बताया कि चाइना डोर को खरीदने, बेचने और उपयोग करने वालों के खिलाफ धारा 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी.
दुकानों पर जांच भी की
एएसआई चंद्रभान सिंह व टीम ने शुक्रवार को बैठक के बाद सभी पतंग दुकानों की जांच की. इसके अलावा हरि फाटक ब्रिज पर सुरक्षा तार बंधवाने का कार्य भी महाकाल पुलिस द्वारा करवाया जा रहा है. बता दें कि 15 जनवरी 2022 को जीरो पॉइंट ब्रिज से दोपहिया वाहन से गुजरने के दौरान 11वीं कक्षा की छात्रा नेहा आंजना के गले में चाइना डोर फंसने से उसका गला कट गया था, जिससे मौत हो गई थी.
नायलॉन के मांझे के ये नुकसान
पतंग उड़ाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाले नायलॉन के मांझे से मानव ही नहीं, बल्कि पक्षियों को भी काफी नुकसान पहुंचता है. इस मांझे से कई पक्षी घायल हो जाते हैं. जब पतंग टूटकर सड़क पर जाती है तो नायलॉन का मांझा किसी वाहन चालक के शरीर से लिपट कर उसे घायल कर देता है. नायलॉन का मांझा टूटता नहीं है, जिसकी वजह से सड़क पर दुर्घटना भी हो जाती है.
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FIRST PUBLISHED : December 23, 2023, 18:08 IST