पंजाब की एक अदालत ने 2015 के मादक पदार्थ मामले में कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा की पुलिस हिरासत बृहस्पतिवार को दो दिन और बढ़ा दी।
बृहस्पतिवार को दो दिन का रिमांड खत्म होने के बाद भोलाथ के विधायक को जलालाबाद अदालत में पेश किया गया।
खैरा को 28 सितंबर को उनके चंडीगढ़ स्थित आवास से गिरफ्तार किया गया था और दो दिन के रिमांड पर भेजा गया था।
पुलिस ने खैरा को कुछ और दिन रिमांड पर रखने का अनुरोध किया था लेकिन अदालत ने इससे इनकार कर दिया और 30 सितंबर को उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।
पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने दावा किया कि जब खैरा को अदालत में पेश किया गया तो उन्हें उनसे (खैरा से) मिलने की अनुमति नहीं दी गई।
बाजवा ने खुद को रोके जाने पर पुलिसकर्मियों की आलोचना करते हुए कहा, ‘‘यह एक सार्वजनिक परिसर है, यह जिला अदालत है। आप किसी को कैसे रोक सकते हैं? मैं एक संवैधानिक पद पर हूं, मैं विपक्ष का नेता हूं। आप कैसे रोक सकते हैं।’’
खैरा को मादक पदार्थ मामले में उपमहानिरीक्षक स्वपन शर्मा के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा की गई जांच के आधार पर गिरफ्तार किया गया था।
यह मामला मार्च 2015 में फाजिल्का के जलालाबाद में दर्ज किया गया था।
खैरा के करीबी सहयोगी गुरदेव सिंह सहित नौ लोगों पर इस संबंध में मामला दर्ज किया गया था और बाद में उन्हें मादक पदार्थ निषेध से संबंधित एनडीपीएस अधिनियम के तहत दोषी ठहराया गया था।
बाद में, पुलिस जांच के दौरान खैरा का नाम सामने आया।
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