हिमाचल में 5 साल में सत्ता पलटने की परंपरा कायम: कांग्रेस बनाएगी सरकार, CM पर सस्पेंस! विधायक दल की बैठक आज

हाइलाइट्स

सीएम जयराम ठाकुर ने मानी हार, राज्यपाल को सौंपा इस्तीफा
1885 से कायम है 5 साल में सत्ता बदल जाने की परंपरा
प्रियंका गांधी ने हिमाचल की जनता को कहा धन्यवाद

शिमला. हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में कांग्रेस को बड़ी कामयाबी मिली है. कांग्रेस ने यहां 68 में से 40 सीटें जीतकर भाजपा को सत्ता से बाहर कर दिया. हिमाचल में भाजपा को महज 25 सीटें मिली हैं. गुरुवार को चुनाव परिणाम घोषित होने के साथ ही राज्य में 1985 से चली आ रही परंपरा कायम रही है, जहां हर पांच साल में राज्य की सत्ता बदल जाती है. चुनाव नतीजे आने के बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को अपना इस्तीफा सौंप दिया.

कांग्रेस ने शुक्रवार को अपने विधायकों की बैठक शिमला में बुलाई है, जिसमें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा बतौर पर्यवेक्षक शामिल होंगे. इस बैठक में विधायक दल का नेता चुनने के फैसले के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को अधिकृत करते हुए प्रस्ताव पारित किया जा सकता है. पार्टी ने पहले कहा था कि विधायक दल की बैठक चंडीगढ़ में बुलाई गई है. निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, 68 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस ने 40 सीट पर जीत दर्ज की हैं. वहीं, भाजपा को 25 सीट मिली है. तीन सीट पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है. आम आदमी पार्टी (आप) के हिस्से में कोई सीट नहीं आई. उसने 67 सीट पर चुनाव लड़ा था.

1885 से कायम है 5 साल में सत्ता बदल जाने की परंपरा
हिमाचल प्रदेश का 1985 से यह राजनीतिक इतिहास रहा है कि यहां की जनता ने किसी भी पार्टी को लगातार दो बार सत्ता की चाबी नहीं सौंपी है. सिराज विधानसभा सीट पर निवर्तमान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कांग्रेस उम्मीदवार चेतराम को 38,183 मतों के अंतर से पराजित किया. पूर्व केंद्रीय मंत्री सुखराम के पुत्र और भाजपा उम्मीदवार अनिल शर्मा ने मंडी सदर विधानसभा सीट पर जीत हासिल की है। उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार चम्बा ठाकुर को 10 हजार से अधिक मतों के अंतर से पराजित किया।

आपके शहर से (शिमला)

हिमाचल प्रदेश

हिमाचल प्रदेश

नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री हरोली विधानसभा सीट से जीते
शिमला शहरी विधानसभा सीट पर कांग्रेस के हरीश जनारथा ने भाजपा उम्मीदवार संजय सूद को 3,037 मतों के अंतर से पराजित किया. मौजूदा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता मुकेश अग्निहोत्री ने हरोली विधानसभा सीट पर जीत हासिल की. वहीं, ठियोग विधानसभा सीट पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष कुलदीप राठौर तथा धर्मशाला से पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा विजयी घोषित किये गये. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुखविंदर सिंह सुक्खू ने नदौन सीट से जीत हासिल की.

सीएम जयराम ठाकुर ने मानी हार, राज्यपाल को सौंपा इस्तीफा

हिमाचल प्रदेश में 12 नवंबर को हुए विधानसभा चुनाव में 76.44 फीसदी मतदान दर्ज किया गया था. राज्य विधानसभा चुनाव में पराजय स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को अपना इस्तीफा सौंप दिया. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि राज्यपाल ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है. ठाकुर ने राज्यपाल को इस्तीफा सौंपने से कुछ देर पहले संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं जनादेश का सम्मान करता हूं और थोड़ी देर में राज्यपाल को इस्तीफा सौंपने जा रहा हूं.’’ मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘अब नयी सरकार बनेगी, मैं उन्हें (कांग्रेस को) बधाई देता हूं और उम्मीद करता हूं कि वह अपने वादे पूरे करेगी.’’

प्रियंका गांधी ने हिमाचल की जनता को कहा धन्यवाद
विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने ट्वीट किया, ‘‘भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को जनादेश देने के लिए हिमाचल प्रदेश की जनता का दिल से धन्यवाद व अभिवादन. ये जीत हिमाचल की जनता के मुद्दों व उन्नति के संकल्प की जीत है. कांग्रेस पार्टी के सभी नेताओं व कार्यकर्ताओं को भी ढेर सारी शुभकामनाएं. आपकी मेहनत रंग लाई.’’

आलाकमान तय करेगा सीएम कौन होगा
कांग्रेस की जीत के बाद अब मुख्यमंत्री पद के दावेदारों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है. प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष प्रतिभा सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू, अब तक नेता प्रतिपक्ष रहे मुकेश अग्निहोत्री तथा कुछ अन्य नेताओं के नाम मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में शामिल हैं. कांग्रेस नेता सुधीर शर्मा ने बृहस्पतिवार को कहा कि हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री का नाम पार्टी आलाकमान तय करेगा और उसके फैसले पर सभी मिलकर आगे बढ़ेंगे.

विक्रमादित्य ने की मां प्रतिभा सिंह को सीएम बनाने की पैरवी
उधर, प्रतिभा सिंह के पुत्र और विधायक विक्रमादित्य सिंह ने कहा, ‘‘बेटे के रूप में, मैं अपनी मां को मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहूंगा, लेकिन इस संबंध में फैसला विजेता उम्मीदवारों और आलाकमान द्वारा लिया जाएगा.’’

Tags: Assembly election, Himachal Pradesh Assembly Election, Himachal pradesh news, Priyanka gandhi

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *