हरदोई में विधायक-एमएलसी ने गौ-संरक्षण केंद्र का किया शुभारंभ: एक करोड़ तीस लाख की लागत से हुआ निर्माण, कहा- बैरिकेडिंग का कार्य अच्छा नहीं किया

हरदोई16 मिनट पहले

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हरदोई में सरकार छुट्टा गौवंशों के संरक्षण व संवर्धन के लिए सतत प्रयासरत है। जिसके चलते क्षेत्रीय विधायक रामपाल वर्मा के अथक प्रयास से बालामऊ गांव में वृहद गौ संरक्षण केंद्र स्वीकृत हुआ। जिसका उद्घाटन गुरुवार को क्षेत्रीय विधायक रामपाल वर्मा व विधान परिषद सदस्य अशोक अग्रवाल ने फीता काटकर किया।

इस दौरान विधान परिषद सदस्य अशोक अग्रवाल ने किसानों को संबोधित करते हुए गौवंशों की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। भारती संस्कृत में गौवंश हमेशा पूजनीय रहे हैं। गौवंशों के संरक्षण के कारण कई बीमारियों से निजात मिलती है। गोबर के उपयोग हम जैविक खेती कर रसायन के अंधाधुंध प्रयोग पर अंकुश लगा सकते हैं। रसायन के अंधाधुंध प्रयोग से जाने अनजाने में कई बीमारियों की गिरफ्त में आ रहे हैं।

गौ-संरक्षण केंद्र निर्माण किया गया शुभारंभ
क्षेत्रीय विधायक रामपाल वर्मा ने कहा सरकार के प्रयास से आपकी ग्राम सभा में एक करोड़ तीस लाख रुपये के रुपये बजट की स्वीकृत से वृहद गौ-संरक्षण केंद्र निर्माण कर शुभारंभ किया जा रहा है। जिससे क्षेत्र के किसानों को गौवंशों की ज्वलंत समस्या से राहत मिलेगी। इस वृहद गौ संरक्षण केंद्र में बुनियादी सुविधाएं विद्युतीकरण, टीन शेड, पीने योग्य पानी के लिए व पशुओं को विचरण के लिए प्राकृतिक तालाब, अच्छी चन्नी आदि सुविधाएं मुहैया कराई गई। गौवंश अच्छे माहौल में रहे, काफी रमणीक स्थल है।

बैरिकेडिंग का कार्य अच्छा नहीं
इस गौशाला को आप सभी की भागीदारी से आदर्श गौशाला बनाना है। जिससे जिले में एक बेहतर मॉडल प्रस्तुत कर सकें। हरा चारा के लिए ग्रामसभा इसके प्रांगण में नैपियर घास का उत्पादन कराएं, जिससे गौवंश को चारा मिल सके। किसानों ने विधायक के समक्ष शिकायत की क्षेत्र पंचायत द्वारा बैरिकेडिंग का कार्य अच्छा नहीं किया गया। जिससे पशु आसानी से निकल जाते हैं। जिसपर विधायक ने खंड विकास अधिकारी को बैरिकेडिंग को सही कराने का निर्देश दिया।

प्रतिदिन 30 रुपये प्रति पशु आर्थिक सहयोग का प्रावधान
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने किसानों से अपील की अपने पालतू पशुओं को छुट्टा न छोड़े, ऐसा करना अपराध है, ऐसे किसानों को चिन्हित करके कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। पशुपालक सहभागिता का लाभ उठाते हुए पशुओं का पालन करें। जिसमें सरकार एक पशुपालक को चार गौवंशों को प्रतिदिन 30 रुपये प्रति पशु आर्थिक सहयोग का प्रावधान है।

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