“हमें पीड़ितों के रूप में देखें, हत्यारों के रूप में नहीं”:  रिहाई के बाद बोले राजीव गांधी की हत्या के दोषी

मदुरई केंद्रीय कारागार से रिहा होने के बाद एएनआई से बात करते हुए, रविचंद्रन ने कहा, “उत्तर भारत के लोगों को हमें आतंकवादियों या हत्यारों के बजाय पीड़ित के रूप में देखना चाहिए. समय और शक्ति निर्धारित करती है कि कौन आतंकवादी है और कौन स्वतंत्रता सेनानी? लेकिन समय हमें निर्दोष मानेगा, भले ही हम आतंकवादी होने का दोष सहन करें.”

18 मई को, एजी पेरारिवलन को रिहा करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी असाधारण शक्तियों का इस्तेमाल किया था. राजीव गांधी की हत्या के मामले में सात दोषियों में से पेरारिवलन भी एक था. इससे पहले, मामले के छह दोषियों में से एक, नलिनी श्रीहरन ने 32 साल की सजा के दौरान उसे “मदद” देने के लिए तमिलनाडु और केंद्र सरकारों का आभार व्यक्त किया और कहा कि वह अपने परिवार के साथ रहना चाहती है. देश में सबसे लंबे समय तक आजीवन कारावास की सजा काट चुकी महिला कैदी नलिनी श्रीहरन को शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के बाद शनिवार को वेल्लोर जेल से रिहा कर दिया गया.

इस मामले में आरपी रविचंद्रन सहित सभी छह दोषियों को मुक्त कर दिया गया. जेल से बाहर निकलने पर, नलिनी ने तमिलनाडु के लोगों को 32 साल तक समर्थन देने के लिए धन्यवाद दिया. नलिनी ने कहा कि उसका पूरा परिवार लंबे समय से उसका इंतजार कर रहे हैं और वह अब उनके साथ रहना चाहती है. रिहाई के बाद गांधी परिवार के किसी व्यक्ति से मिलने के सवाल पर नलिनी ने कहा, “ऐसा कोई योजना नहीं है. हां, मेरे पति जाएंगे तो मैं जाऊंगी. हमारा परिवार 32 सालों से हमारा इंतजार करता रहा. मेरी गांधी परिवार के किसी सदस्य से मिलने की कोई संभावना नहीं है. मैं राज्य और केंद्र सरकारों को धन्यवाद देना चाहती हूं. मुझे परोल देने के लिए राज्य सरकार का मैं धन्यवाद देती हूं”. 

नलिनी ने न्यायमूर्ति बीआर गवई और बीवी नागरत्ना की पीठ द्वारा पारित आदेश पर टिप्पणी की. “हमारे न्यायाधीश क्या गलत है और क्या सही है”  जानते हैं. उन्होंने हमारे मामले का अध्ययन किया है. वे जानते हैं कि क्या गलत है और क्या सही है और वे क्या कर सकते हैं और उन्होंने वह किया.” तमिलनाडु सरकार ने दोषियों की समय से पहले रिहाई की सिफारिश की थी. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने शुक्रवार को पूर्व प्रधानमंत्री की हत्या के मामले में नलिनी श्रीहरन सहित छह दोषियों को रिहा करने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया.

स्टालिन ने शुक्रवार को एक ट्वीट में कहा, “मैं छह लोगों की रिहाई पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करता हूं. सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला इस बात का सबूत है कि लोगों द्वारा चुनी गई सरकार के फैसलों को राज्यपालों द्वारा स्थगित नहीं किया जा सकता.” नलिनी श्रीहरन और पांच अन्य पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या में उम्रकैद की सजा काट रहे थे. उन्हें शीर्ष अदालत ने जेल में अच्छे आचरण के आधार पर रिहा कर दिया.

राजीव गांधी की 21 मई, 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (LTTE) समूह की एक महिला आत्मघाती हमलावर द्वारा हत्या कर दी गई थी.  सात दोषियों को हत्या में उनकी भूमिका के लिए मौत की सजा सुनाई गई थी. इनमें नलिनी श्रीहरन, आरपी रविचंद्रन, जयकुमार, संथान, मुरुगन, रॉबर्ट पायस और एजी पेरारिवलन शामिल थे.

साल 2000 में नलिनी श्रीहरन की सजा को घटाकर उम्रकैद कर दिया गया था. बाद में वर्ष 2014 में, अन्य छह दोषियों की सजा भी कम कर दी गई और उसी वर्ष के दौरान, तमिलनाडु की तत्कालीन मुख्यमंत्री जे जयललिता ने मामले के सभी सात दोषियों की रिहाई की सिफारिश की थी.

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