सवाई माधोपुर CI फूल मोहम्मद हत्याकांड: तत्कालीन DSP महेंद्र सिंह सहित 30 दोषियों को उम्रकैद, 50 हजार का जुर्माना

सवाई माधोपुर: सवाई माधोपुर जिले के चर्चित सीआई फूल मोहम्मद हत्याकाण्ड मामले में आज जिले की एससी एसटी कोर्ट ने तत्कालीन पुलिस उपाधीक्षक सहित 30 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही सभी 30 आरोपियों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने बीते 16 नवंबर को मामले की सुनवाई करते हुए 30 आरोपियों को दोषी करार दिया था। साथ ही 49 आरोपियों को बरी कर दिया था। सीबीआई ने इस मामले की जांच कर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। सीबीआई के वकील श्रीदास सिंह ने बताया, ‘अदालत ने मामले में तत्कालीन पुलिस उपाधीक्षक सहित 30 लोगों को दोषी माना था। शुक्रवार को सजा सुनाते हुए सभी आरोपियों को आजीवन कारावास और अलग-अलग धाराओं में अलग-अलग आर्थिक दंड की सजा सुनाई है।’

इन दोषियों को हुई उम्रकैद
कोर्ट की ओर से जिन लोगों को सजा सुनाई गई उसमें तत्कालीन पुलिस उपाधीक्षक महेंद्र सिंह भी शामिल हैं। कोर्ट ने महेंद्र सिंह सहित राधेश्याम माली, परमानंद, बबलू, पृथ्वीराज, रामचरण, चिरंजीलाल, शेर सिंह, हरजी, रमेश मीणा, कालू, बजरंगा खटीक, मुरारी मीणा, चतुर्भुज मीणा, बनवारी, रामकरण, हंसराज, शंकर माली, बनवारी लाल मीणा, धर्मेंद्र मीणा, योगेंद्र नाथ, बृजेश हनुमान, रामजीलाल, माखन सिंह, रामभरोसे मीणा, मोहन माली, मुकेश माली, श्यामलाल आदि शामिल हैं। कोर्ट की ओर से सुनाए गए फैसले के बाद सभी 30 आरोपियों को पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच जेल भेज दिया गया है।

अबतक 5 आरोपियों की हो चुकी है मौत
कोर्ट ने 16 नवंबर बुधवार को मामले की सुनवाई करते हुए 49 आरोपियों को दोष मुक्त मानते हुए बरी किया था। मामले में दो नाबालिग भी शामिल हैं। वहीं तीन आरोपी अभी भी फरार है। जबकि मामले की सुनाई के दौरान पांच आरोपियों की मौत हो चुकी है ।

ये है मामला
थानाधिकारी सह पुलिस निरीक्षक फूल मोहम्मद 17 मार्च 2011 में सुरवाल गांव गए थे। वहां एक आदमी, पानी की टंकी पर चढ़ गया था। हत्या के एक मामले में पुलिस की ओर से कथित निष्क्रियता पर उसने टंकी से कूद कर आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद आक्रोशित भीड़ ने थानाधिकारी को निशाना बनाया और उन पर पथराव किया। उस समय जीप में फूल मोहम्मद बैठे थे। पथराव से पुलिस अधिकारी फूल मोहम्मद जीप में बेहोश हो गए। भीड़ ने उनकी गाड़ी में आग लगा दी। इससे वह जिंदा जल गए थे। घटना के बाद राज्य सरकार ने उन्हें शहीद का दर्जा दिया था और मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। जांच के दौरान भी सीबीआई ने महेंद्र सिंह कालबेलिया को उक्त हत्याकांड के लिए दोषी माना था। सीबीआई की चार्जशीट के अनुसार, उक्त हत्याकांड में पूर्व डीएसपी महेंद्र सिंह कालबेलिया का जुर्म साबित करने में मानटाउन थाने का हिस्ट्री शीटर बदमाश संजय बिहारी सबसे अहम गवाह था। लेकिन उसकी गवाही से पहले ही जयपुर में हत्या कर दी गई थी।

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