सरदारशहर विधानसभा उपचुनाव: मतदान हुआ शुरू, BJP और कांग्रेस की आज अग्निपरीक्षा, 8 को आएगा परिणाम

हाइलाइट्स

सरदारशहर को कांग्रेस का गढ़ माना जाता है
कांग्रेस के भंवरलाल शर्मा यहां से सात बार विधायक रहे हैं
उपचुनाव में मुख्य मुकाबला बीजेपी, कांग्रेस और आरएलपी के बीच है

चूरू. कांग्रेस विधायक भंवरलाल शर्मा के निधन से खाली हुई सरदारशहर विधानसभा सीट पर आज उपचुनाव (Sardarshahar assembly by-election) हो रहा है. मतदान सुबह 7 बजे से शुरू हो चुका है. इस बार बीजेपी और कांग्रेस के अलावा आरएलपी भी मुकाबले (Contest in  BJP-Congress and RLP) को त्रिकोणीय बनाने की पूरी कोशिश में जुटी है. मतदान शाम पांच बजे तक चलेगा. चुनाव परिणाम 8 दिसंबर को आएगा. निष्पक्ष रूप से चुनाव कराने के लिए चुनाव आयोग ने सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता प्रबंध किए हैं. इस चुनाव में मुख्य मुकाबला कांग्रेस प्रत्याशी अनिल शर्मा, बीजेपी के अशोक पींचा और आरएलपी के लालचंद मूंड के बीच माना जा रहा है.

सरदारशहर का सरदार कौन होगा इसका फैसला जनता आज करेगी. इस विधानसभा सीट से जो भी जीतेगा उसे क्षेत्र का विकास कराने के लिए 1 साल से भी कम का समय मिलेगा. कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे भंवरलाल शर्मा यहां से सात बार विधायक रहे थे. कांग्रेस ने भंवरलाल शर्मा के पुत्र अनिल शर्मा को चुनाव मैदान में उतारा है. वहीं बीजेपी ने अपने पुराने चेहरे अशोक पींचा पर ही भरोसा जताया है. आरएलपी ने जाट मतदाताओं के भरोसे लालचंद मूड को अपना उम्मीदवार बनाया है.

सरदारशहर विधानसभा उपचुनाव का गणित

आपके शहर से (जयपुर)

सरदारशहर विधानसभा क्षेत्र में कुल 2 लाख 89 हजार 843 मतदाता हैं. इनमें से 1 लाख 52 हजार 766 पुरुष और 1 लाख 37 हजार 77 महिला मतदाता हैं. चुनाव मैदान में कुल 10 प्रत्याशी डटे हुए हैं. सरदारशहर सीट दिवंगत विधायक भंवरलाल शर्मा का गढ़ मानी जाती है. उन्होंने यहां से 7 बार चुनाव जीता. वो ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष भी रहे. उनकी अपने इलाके में जबर्दस्त पकड़ थी. इसलिए कांग्रेस ने उनके बेटे अनिल शर्मा पर ही दांव लगाया है. कांग्रेस ने यहां भी प्रदेश में पूर्व में हुए उपचुनावों की तर्ज पर सहानुभूति का कार्ड खेला है.

आरएलपी मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने में जुटी है

वहीं अशोक पींचा इस क्षेत्र से पांच बार विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं लेकिन उन्हें जीत सिर्फ एक बार ही मिली है. लेकिन बीजेपी ने उन्हें छठी बार टिकट देकर उन पर भरोसा जताया है. दूसरी तरफ नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने इलाके में सबसे बड़े वोट बैंक माने जाने वाले जाट समाज के प्रत्याशी को चुनाव मैदान में उतारा है. मूंड डेयरी संघ के नेता हैं. हनुमान बेनीवाल उनके नामांकन के दिन से लेकर चुनाव प्रचार खत्म होने तक सरदारशहर में ही डटे रहे.

इन नेताओं के हाथ में रही है चुनाव प्रचार की कमान

बीजेपी के चुनाव प्रचार की कमान केंद्रीय मंत्री अर्जुन मेघवाल, उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ और बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने संभाली. कांग्रेस प्रत्याशी को जिताने के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी सरदारशहर का दो बार दौरा किया. अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले यह चुनाव कांग्रेस और भाजपा दोनों के लिए खासा महत्वपूर्ण है. जो भी पार्टी जीतेगी उससे उसका न केवल मनोबल बढ़ेगा बल्कि उसके कार्यकर्ताओं में भी जोश का संचार होगा.

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