‘समस्त केरल’ के नेता की ‘विवादास्पद टिप्पणी’ के विरोध में लेखिका जुहारा ने सिर से पल्लू हटाया

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शहर के नल्लालम में कुदुम्बश्री के ‘थिरिके स्कूलिल’ (वापस स्कूल की ओर) अभियान के उद्घाटन सत्र के दौरान जुहारा ने फैजी की टिप्पणी की आलोचना की और कहा कि सिर ढंकना या नहीं ढंकना एक महिला की पसंद है।

सामाजिक कार्यकर्ता एवं लेखिका वी पी जुहारा ने हाल में ‘समस्त केरल जमीयतुल उलेमा’ के नेता मुक्कम उमर फैजी की एक कथित विवादास्पद टिप्पणी के विरोध में रविवार को एक मंच पर सबके सामने अपने सिर से साड़ी का पल्लू हटा दिया।

फैजी ने केरल में मुस्लिम महिलाओं द्वारा पहने जाने वाले हिजाब को लेकर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता के. अनिल कुमार के बयान पर टिप्पणी की थी।
उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि जो महिलाएं हिजाब नहीं पहनतीं, उनका चरित्र संदिग्ध होता है।

शहर के नल्लालम में कुदुम्बश्री के ‘थिरिके स्कूलिल’ (वापस स्कूल की ओर) अभियान के उद्घाटन सत्र के दौरान जुहारा ने फैजी की टिप्पणी की आलोचना की और कहा कि सिर ढंकना या नहीं ढंकना एक महिला की पसंद है।
उन्होंने फैजी की टिप्पणी की आलोचना की और अपने सिर से अपनी साड़ी का ‘‘पल्लू’’ हटा दिया।

डिस्क्लेमर: प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।



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