विदेश मंत्री जयशंकर ने कंबोडिया में कनाडा, इंडोनेशिया और सिंगापुर के अपने समकक्षों से मुलाकात की

विदेश मंत्री ने एक ट्वीट में कहा, ‘पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन के मौके पर कनाडा की विदेश मंत्री मिलेन जॉली से मिलकर अच्छा लगा। यूक्रेन संघर्ष, हिंद-प्रशांत, द्विपक्षीय सहयोग और सामुदायिक कल्याण पर चर्चा की। वीजा चुनौतियों से निपटने के लिए उठाए जा रहे कदमों की सराहना की।’

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को कंबोडिया की राजधानी में आसियान-भारत शिखर सम्मेलन से इतर कनाडा, इंडोनेशिया और सिंगापुर के अपने समकक्षों के साथ कई मुद्दों पर चर्चा की।
जयशंकर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के साथ यात्रा पर हैं, जो यहां आसियान-भारत शिखर सम्मेलन और 17वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं।

विदेश मंत्री ने एक ट्वीट में कहा, “पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन के मौके पर कनाडा की विदेश मंत्री मिलेन जॉली से मिलकर अच्छा लगा। यूक्रेन संघर्ष, हिंद-प्रशांत, द्विपक्षीय सहयोग और सामुदायिक कल्याण पर चर्चा की। वीजा चुनौतियों से निपटने के लिए उठाए जा रहे कदमों की सराहना की।”
यह बैठक भारत द्वारा खालिस्तानी समूहों और वहां रह रहे व्यक्तियों की भारत विरोधी गतिविधियों पर चिंता दोहराए जाने के कुछ दिन बाद हुई है।

विदेश मंत्रालय ने तीन नवंबर को नयी दिल्ली में कहा था कि भारत ने कनाडा से अपने कानूनों के तहत उन व्यक्तियों और समूहों को आतंकवादी के रूप में नामित करने का भी आग्रह किया है जिन्हें भारतीय कानूनों के तहत आतंकवादी घोषित किया गया है।
जयशंकर ने अपनी इंडोनशियाई समकक्ष से भी मुलाकात की।
उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, इंडोनेशिया की मेरी प्रिय सहयोगी विदेश मंत्री रेट्नो मर्सूदी से मिलकर अच्छा लगा। आगामी जी-20 बाली शिखर सम्मेलन के लिए उन्हें शुभकामनाएं।”

जयशंकर ने सिंगापुर के अपने समकक्ष और दोस्त विवियन बालकृष्णन से भी मुलाकात की तथा उनके साथ विचारों का आदान-प्रदान किया।
बैठक के बाद उन्होंने ट्वीट किया, “उन्हें उनकी नियुक्ति पर बधाई दी और आपसी संबंधों पर चर्चा की। उन्हें 2023 में भारत आने का न्योता दिया।’’
इससे पहले, उन्होंने यूक्रेन के अपने समकक्ष दमित्रो कुलेबा से मुलाकात की और क्षेत्र में हाल के घटनाक्रम, परमाणु चिंता तथा यूक्रेन में रूस के युद्ध को समाप्त करने के तरीकों पर चर्चा की।

जयशंकर भी उपराष्ट्रपति धनखड़ के साथ नोम पेन्ह में राष्ट्रीय संग्रहालय पहुंचे।
उन्होंने कहा, बाली-सुग्रीव और गरुड़ हमारे ऐतिहासिक जुड़ाव के अत्यधिक मजबूत अनुस्मारक हैं।
धनखड़ कंबोडिया की तीन दिवसीय यात्रा पर हैं। इस वर्ष आसियान-भारत संबंधों की 30वीं वर्षगांठ है और इसे आसियान-भारत मैत्री वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है।
दक्षिण पूर्व एशियाई देशों का संघ (आसियान) एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जिसमें दक्षिण पूर्वी एशिया के 10 देश-ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमा, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड और वियतनाम शामिल हैं।

धनखड़ 13 नवंबर को, 17वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे, जिसमें दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों के संघ (आसियान) के सदस्य देश और इसके आठ संवाद सहयोगी भारत, चीन, जापान, कोरिया गणराज्य, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, अमेरिका और रूस शामिल हैं।
पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में, नेता पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन तंत्र को और मजबूत करने के तरीकों के साथ-साथ समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद और निरस्त्रीकरण सहित क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय मामलों पर चर्चा करेंगे।

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