रेस्टोरेंट संचालक का अपहरण कर भागे बदमाश, पुलिस ने फिल्मी स्टाइल में पीछा कर पकड़ा

इंदौर. इंदौर के भंवरकुआं पुलिस ने कमाल कर दिया. सही समय पर कार्रवाई कर अपह्रत व्यक्ति को मुक्त करा लिया और अपहरण करने वाले गैंग के 10 लोगों को पकड़ लिया. ये सिर्फ इसलिए हो सका क्योंकि पुलिस बिना देर किए एक्शन में आ गयी थी. आरोपियों से एक देसी पिस्टल और एक बड़ा चाकू भी बरामद किया गया. बेहतरीन काम करने के कारण अफसरों ने टीम को नगद इनाम देकर सम्मानित किया.

घटनाक्रम कुछ यूं हुआ कि इंदौर में एक डॉक्टर के बंगले को एक हॉस्टल संचालक ने किराये पर लिया था. फिर वहीं बैठकर अपने साथियों के साथ मिलकर जायका रेस्टोरेंट के संचालक के अपहरण की साजिश रची.उसके बाद रेस्टोरेंट संचालक अक्षय जादौन का अपरहण कर लिया. उसे इतना पीटा कि पूरा शरीर घाव से भर गया. अक्षय के अपहरण की सूचना उसके दोस्त ने पुलिस को दी और 6 अक्टूबर को भवर कुआं थाना में रिपोर्ट दर्ज करायी.

दोस्त ने पुलिस को खबर दी
शिकायत में कहा गया कि वो अपने साथी अक्षय के साथ मोटर साइकिल पर जा रहा था. तभी प्रतीक्षा शराब दुकान के सामने वाली सड़क पर पांच -छह बदमाश अपनी मोटरसाइकिल और इनोवा कार पर आए और हमारी गाड़ी रोक कर चाभी निकाल ली. बदमाशों ने अक्षय के पेट पर चाकू अड़ाया और जबरदस्त कार में बैठा लिया. बदमाशों ने धमकी दी कि अगर अक्षय को जिंदा देखना है तो 25 लाख रुपए की व्यवस्था हमारे बताए स्थान पर कर देना. अगर पैसों की व्यवस्था नहीं हुई तो अक्षय के शरीर के 25 टुकड़े कर उसके घर भिजवा देंगे.

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गाड़ी नंबर से मिला पता
बदमाश अक्षय का अपहरण कर भाग गए थे. गनीमत रही अक्षय के साथी ने गाड़ियों के नंबर नोट कर लिए और फौरन पुलिस को सूचना दी. पुलिस ने तत्काल इलाके की घेराबंदी की और बदमाशों को पकड़ कर अक्षय को मुक्त करा लिया. लेकिन तब तक बदमाश अक्षय को बुरी तरह मार पीट चुके थे. पीड़ित रेस्टोरेंट संचालक अक्षय सिंह जादौन ने बताया कि मुख्य आरोपी भास्कर शर्मा से उसका पुराना लेनदेन था. पुराने लेन-देन के 25लाख रुपये उसे आरोपी भास्कर शर्मा से लेने हैं. लेकिन पैसे देने की बजाय भास्कर ने उसी का अपहरण कर लिया.

ऐसे कराया मुक्त
अक्षय के अपहरण की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी भवरकुआं शशिकांत चौरसिया ने इलाके से सारे सीसीटीवी फुटेज खंगाले और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया. पुलिस ने सबसे पहले राऊ बायपास तेजाजी नगर सिमरोल क्षेत्र में फरियादी द्वारा बताए हुलिए के इनोवा कार को सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से तलाशना शुरू किया. वाहन मालिक का पता लगाया तो पता चला कि गाड़ी सर्विसिंग के लिए राम लखन रजक के सर्विसिंग सेंटर पर आयी थी. लेकिन यहां से कुछ लोग गाड़ी ले गए. फिर पता चला कि जादौन को इसी इनोवा कार में बैठा कर आरोपी राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में अमितेश नगर के पीजी हॉस्टल में ले गए थे. पुलिस पीछा करते हुए मौके पर पहुंच गयी. वहां उसने अक्षय को मुक्त कराया और राम लखन रजक, वरुण वाधवानी, विशाल यादव, ललित उर्फ लल्ला सौरभ परमार, मनीष, राहुल सोलंकी, अविनाश कुमार और भास्कर शर्मा के पिता कृष्णकांत शर्मा को मौके से गिरफ्तार कर लिया.

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