मेरठ में 175 किलो के संजय का हुआ सफल ऑपरेशन, बैरिएट्रिक सर्जरी से घटेगा 70 किलो वजन

महज 50 मिनट में किया सफल ऑपरेशन

महज
50
मिनट
में
किया
सफल
ऑपरेशन

दरअसल,
उत्तर
प्रदेश
के
बागपत
ज़िले
के
खेकड़ा
तहसील
क्षेत्र
के
कांठा
गांव
के
रहने
वाले
संजय
का
वजन
लगभग
175
किलोग्राम
के
आसपास
था।
संजय
अपने
इस
मोटापे
को
लेकर
बेहद
ही
चिंतित
रहते
थे।
तभी
संजय
इस
मोटापे
की
समस्या
को
लेकर
मेरठ
के
एक
निजी
अस्पताल
पहुंचे।
अस्पताल
में
डॉक्टरों
की
एक
टीम
ने
उनकी
पूरी
जांच
पड़ताल
की
और
उन्हें
बैरिएट्रिक
सर्जरी
की
राय
दी।
संजय
इस
सर्जरी
के
लिए
तैयार
हो
गए
और
डॉक्टर्स
ने
महज
50
मिनट
में
उनका
सफल
ऑपरेशन
भी
कर
दिया।
वही
डॉक्टर्स
का
दावा
है
कि
यूपी
में
पहली
बार
इतने
भारी
शरीर
के
व्यक्ति
की
सर्जरी
की
गई
है।
डॉक्टर्स
का
कहना
है
कि
कम
से
कम
30
से
40
प्रतिशत
वजन
मरीज
का
अगले
6
माह
में
घट
जाएगा।

पहले भी करवा चुके हैं सर्जरी

पहले
भी
करवा
चुके
हैं
सर्जरी

बता
दें
की
संजय
पहले
भी
यह
सर्जरी
करवा
चुके
थे।
संजय
को
इस
सर्जरी
से
काफी
फायदा
भी
हुआ
था
लेकिन
इसी
कारण
उन्होंने
दोबारा
लापरवाही
करना
शुरू
कर
दिया।
संजय
के
घरवाले
बताते
हैं
की
उन्हें
मीठा
खाना
बेहद
पसंद
है
और
सर्जरी
के
बाद
उन्हें
लगा
की
अब
सब
कुछ
ठीक
है
तो
उन्होंने
खूब
मीठा
खाया
जिस
कारण
उनका
वजन
175
किलोग्राम
हो
गया।
पर
अब
संजय
का
कहना
की
वह
ऐसी
गलती
दोबारा
नहीं
करेंगे।

बैरिएट्रिक सर्जरी

बैरिएट्रिक
सर्जरी

बैरिएट्रिक
सर्जरी
वजन
कम
करने
वाले
सर्जरी
है।
इस
सर्जरी
का
उपयोग
व्यक्ति
के
मोटापे
को
कम
करने
के
लिए
किया
जाता
है।
जिन
लोगो
का
बीएमआई
35
से
40
होता
है,
ऐसे
लोग
बैरिएट्रिक
सर्जरी
करवा
सकते
है।
सामान्य
तौर
पर
व्यक्ति
का
बीएमआई19
से
25
के
रेंज
में
होना
चाहिए।
अगर
आपका
वजन
बढ़
रहा
है
और
बीएमआई
30
से
ऊपर
चला
जाता
है
तो
चिकिस्तक
की
सहायता
से
मोटापा
कम
कर
सकते
है।
लेकिन
इनको
सर्जरी
की
अनुमति
नहीं
होती
है।
हालांकि
जिनका
बीएमआई
35
और
40
के
बिच
है
और
व्यक्ति
शरीर
से
स्वस्थ
है
तो
ऐसे
में
चिकिस्तक
बैरिएट्रिक
सर्जरी
की
सलाह
दे
सकते
है।
भारत
में
बैरिएट्रिक
सर्जरी
कराने
का
कुल
खर्च
लगभग
INR
350000
से
INR
500000
तक
लग
सकता
है।
हालांकि
भारत
में
बहुत
से
बड़े
अस्पताल
के
डॉक्टर
है
जो
बैरिएट्रिक
सर्जरी
का
इलाज
करते
है।
लेकिन
सभी
अस्पतालों
में
बैरिएट्रिक
सर्जरी
का
खर्च
अलग-अलग
है।

भारत में मोटापा

भारत
में
मोटापा

भारत
में
मोटापा
दुनिया
के
बाकी
हिस्सों
से
अलग
है
और
इसे
‘थिन-फैट
फेनोटाइप’
द्वारा
चिह्नित
किया
गया
है।
यह
शरीर
में
वसा,
पेट
के
मोटापे
और
आंत
के
वसा
के
उच्च
अनुपात
को
संदर्भित
करता
है।
मोटापा
आमतौर
पर
कारणों
और
योगदान
कारकों
के
संयोजन
से
होता
है:
राष्ट्रीय
परिवार
स्वास्थ्य
सर्वेक्षण
(NFHS-4)
के
अनुसार,
पिछले
10
वर्षों
में,
मोटे
लोगों
की
संख्या
देश
में
दोगुनी
हो
गई
है।
सर्वेक्षण
के
अनुसार,
वे
लोग
जिनका
बॉडी
मास
इंडेक्स
(BMI)
25
किलोग्राम
प्रति
मीटर
वर्ग
से
अधिक
है,
उन्हें
मोटा
माना
जाता
है।
मोटापे
की
व्यापकता
महिलाओं
में
12.6%
और
पुरुषों
में
9.3%
है।
दूसरे
शब्दों
में,
भारत
में
100
मिलियन
से
अधिक
व्यक्ति
मोटापे
का
शिकार
हैं।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published.