मिसाल: दोनों किडनी गंवाकर जिंदगी की जंग लड़ रहा था भाई, बहन ने आगे आकर बचाई जान

हाइलाइट्स

भाई की जिंदगी बचाने के लिये बहन के समर्पण की ये कहानी मध्य प्रदेश की है
खरगोन के इस परिवार ने इलाज के लिये अपनी जमीन बेच दी है
भाई के लिये किडनी देने वाली बहन इसे अपने लिये गर्व की बात मान रही है

खरगोन. आमतौर पर बहन अपनी रक्षा के लिये रक्षाबंधन के पर्व पर भाई को रक्षा सूत्र बांधती हैं लेकिन मध्य प्रदेश में एक बहन नें अपने छोटे भाई की दोनों किडनी खराब होने के बाद जान बचाने के लिए अपने आप को समर्पित कर दिया. भाई की जिंदगी बचाने के लिये किडनी दान करने ये बहन आगे आई है. अपने बेटे के इलाज के लिए गरीब पिता ने अपनी खेत बेच दी है लेकिन आर्थिक तंगी उपचार में बाधा बन रही है.

बहन द्वारा भाई की जान बचाने के लिये आगे आने का ये मामला मध्य प्रदेश के खरगोन जिला से जुड़ा है.  खरगोन के कुकडोल के बेहद गरीब इस परिवार ने शासन प्रशासन से मदद की गुहार लगाई हैं. प्रशासन ने भी इस परिवार की मदद का आश्वासन दिया है. किडनी दान करने के प्रमाण पत्र पर साइन कराने बहन अपनी माता-पिता और भाई-भाभी के साथ खरगोन एसडीएम कार्यालय पहुंची थी. इस दौरान एसडीएम ओमनारायाण सिंह ने भी परिवार के प्रति सहानुभूति दिखाई.

दरअसल खरगोन जिला मुख्यालय से करीब 8 किलोमीटर दूर कुकडोल निवासी 34 वर्षीय युवक भीम सिंह चौहान की दोनों किडनी खराब हो गई है. भीम सिंह पेशे से ड्राइवर है जो लोगों की चारपहिया वाहन चलाकर अपना और अपने परिवार का भरण पोषण करता है लेकिन डायलिसिस के चलते छह माह से वह भी बेरोजगार है. पेशे से मजदूर मनोहर सिंह चौहान को अपने जवान बेटे की दोनों किडनी खराब होने से इलाज के लिए करीब 9 से 10 लाख रूपये की जरूरत पड़ी. उन्होंने अपनी 38 वर्षीय पुत्री बसंती को इसकी जानकारी दी और इंदौर के निजी हॉस्पिटल के डॉक्टर्स के बताए अनुसार एक किडनी ट्रांसप्लांट करने की समस्या भी बताई.

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परिवार के सामने 9 से 10 लाख रुपए की व्यवस्था करने के साथ-साथ किडनी देने का विशाल संकट भी सामने आया. पीड़ित भीम सिंह की पत्नी भी किडनी देने में सक्षम नहीं थी, ऐसे में छोटे भाई की जान बचाने के लिए 38 वर्षीय बड़ी बहन बसंती ने अपनी एक किडनी देने का बड़ा निर्णय लेकर अपने छोटे भाई की जान बचाने के हिम्मत दिखाई है. अब किडनी ट्रांसप्लांट के लिए 9 से 10 लाख रुपए की व्यवस्था की जब बात सामने आई तो परिवार ने एकमात्र जीवन का सहारा आधा एकड़ जमीन तक ओने पौने दाम में बेच दी, उसके बाद 4 से 5 लाख की व्यवस्था हो पाई.

अब परिवार के सामने 5 लाख रूपये और जुटाने की समस्या सामने खड़ी है. भीम सिंह की बड़ी बहन बसंती का कहना है की मेरे भाई की दोनों किडनियां खराब हो गई हैं और इसमें बहुत खर्च भी आ रहा है. आर्थिक सहायता के लिए आए हैं क्योंकि हम इतने सक्षम नहीं हैं, गरीब परिवार से हैं. उसके इलाज के लिए खेत बेचा है और मैं अपनी किडनी दान कर रही हूं, ताकि भाई का जीवन सुरक्षित हो. प्रशासन ने मदद का आश्वासन दिया है. इस मामले में खरगोन एसडीएम ओम नारायण सिंह ने हर संभव मदद करने और आयुष्मान कार्ड बनवाकर राशि दिलाने का भरोसा दिलाया है.

Tags: Kidney transplant, Madhya pradesh news, Mp news

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