मां ने बेटे की तस्वीर देखकर लुटेरे तक पहुंचाया: 250 CCTV कैमरे में मिले 80 संदिग्ध ; मोहल्ले के दादा निकला लखनऊ में एजेंट को गोली मारकर लूटने वाला बदमाश, दो गिरफ्तार

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लखनऊएक घंटा पहले

बीते 1 महीने पहले पारा क्षेत्र में गोली मारकर कलेक्शन एजेंट से लूट करने वाले दो बदमाशों को पुलिस ने पकड़ा।

राजधानी लखनऊ के पारा में 13 अक्तूबर को नमस्ते इंडिया दूध डीलर कुलदीप मिश्रा को गोली मारकर लूट करने वाले आरोपी की तस्वीर देख कर उसकी मां ने पहचान कर ली। इसके बाद पुलिस ने आरोपी व उसके साथी को भरोसा गांव के मौदा रोड से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोनों के पास से लूट की रकम, अवैध तमंचा, बाइक व अन्य माल बरामद कर जेल भेजा।

जेसीपी कानून व व्यवस्था पीयूष मोर्डिया ।

जेसीपी कानून व व्यवस्था पीयूष मोर्डिया ।

मोहल्ले का दादा दीपक निकला बदमाश

जेसीपी कानून व व्यवस्था पीयूष मोर्डिया के मुताबिक पकड़े गए दोनों आरोपी काशी राम कॉलोनी निवासी अमर व दीपक सिंह हैं। जेसीपी के मुताबिक दोनों ने वारदात के दौरान 13 अक्टूबर को दोनों आरोपियों ने दूध विक्रेता कुलदीप मिश्रा को पारा क्षेत्र में गोली मारकर रुपयों से भरा हुआ बैग लूट ले गए थे। घायल अवस्था में भर्ती कराने के बाद आरोपियों की तलाश में जुटी थी।

इसके लिए पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे व अन्य माध्यमों से पता लगाना शुरु किया, लेकिन मोबाइल का इस्तेमाल न करने से कोई भी सहायता नहीं मिल रही थी। इसी बीच सीसीटीवी कैमरे की फुटेज की मदद से रास्ते को ट्रैक किया गया और दोनों की तस्वीर दिखाकर पूछताछ की जाने लगी। फुटेज की मदद से पता चला की दोनों काशी राम कॉलोनी की तरफ गए हैं। काशीराम कॉलोनी में पूछताछ की गई, तो एक व्यक्ति ने बताया कि ये तो दादा है, दादा का असली नाम दीपक व उसका साथी है।

पुलिस की गिरफ्त में दीपक और अमर।

पुलिस की गिरफ्त में दीपक और अमर।

लुटेरे बेटे को उसकी मां ने पहचाना

आगे जब इस पर पुलिस की टीम लगातार तस्वीर दिखाकर पूछताछ कर रही थी कि आरोपी अमर की मां गुलशन के पास पहुंच गए, तो उसने तुरंत पहचान कर ली। उसने दीपक पर अपहरण का आरोप लगाते हुए रोने लगी। यही नहीं दूसरे दिन उसकी मां गुलशन भी फरार हो गई।

हालांकि पुलिस ने मुखबिर व अन्य संसाधनों की मदद से दोनों आरो​पियों को गिरफ्तार कर ​लूट के 10 हजार रुपये, एक बाइक, एक अवैध तमंचा व कारतूस बरामद कर जेल भेजा।

आरोपी की मां ने बताया की बेटे का हुआ अपहरण

जेसीपी के मुताबिक आरोपी अमर की तस्वीर दिखाकर पूछताछ की जा रही थी। तभी पुलिस की टीम अमर की मां गुलशन के पास पहुंची। अमर की तस्वीर दिखाते ही वह घबरा गई और एक्सीडेंट हो गया पूछने लगी। पुलिस ने जानकारी दी, तो दीपर व उसके दोस्तों पर अपहरण का आरोप लगाने लगी। जेसीपी के मुताबिक दूसरे दिन ही जानकारी हुई कि मां गुलशन भी फरार हो गई। हालांकि कुछ ही दिन बाद आरोपियों का पता चल गया।

दुकान पर बैठकर करवाई रेकी

एसीपी अनिन्द्य विक्र​म सिंह के मुताबिक दीपक के पिता की सब्जी की दुकान व अमर की मां की परचून की दुकान है। दोनों कभी एक दूसरे की दुकान पर मिलते थे। एसीपी के मुताबिक दीपक ने इलाके में स्थित एक दुकान पर दूध लेकर तगादा करने के लिए आता था। इसपर उसने अपने साथी हारून को बताई। हारून ने रंजीत के साथ मिलकर रेकी और दीपक को बताया कि दो से तीन लाख रुपये की रोजाना की वसूली बताई। हारून ने दीपक से अमर के साथ वारदात को अंजाम देने के बात कही।

हारून ने दिया था बाइक व अवैध तमंचा

एसीपी के मुताबिक दीपक ने हारुन को बताया था कि बाइक व अवैध तमंचा नहीं है। इसपर हारून ने बाइक व तमंचा का इंतजाम कर दिया। साथ ही वारदात के बाद लौटाने के लिए कहा। लूट के बाद बैग व बाइक देने पहुंचे तो हारुन ने आधी रकम व बाइक लेकर वापस भेज दिया।

डकैती की साज़िश में हारुन व रंजीत हो चुके गिरफ्तार

एसीपी के मुताबिक हारून व रंजीत के बारे में जानकारी की गई, तो पता चला की दोनों मूल रूप से मोहललाल गंज के रहने वाले हैं। दोनों को गोमतीनगर व क्राइम टीम ने मिलकर डकैती के आरोप में गिरफ्तार कर 8 नवंबर को जेल भेजा है। एसीपी ने बताया कि चारों आरो​पियों की रिमांड लेने के बाद पूछताछ कर कैसे जुड़े थे। इसके बारे में पता लगाया जाएगा।

200 से ज्यादा कैंमरे व 80 लोगों से पूछताछ के बाद हुआ खुलासा

एसीपी के मुताबिक आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तलाश की जा रही थी। लेकिन लूट के दौरान मोबाइल तक इस्तेमाल नहीं किया था। ऐसे में पता नहीं लगाया जा पा रहा था। ऐसे में सीसीटीवी कैमरों की मदद ली गई। बाइक सवार के बारे में पता लगाया गया और जिस रास्ते से वह निकले थे। उन रास्तों पर लगे 200 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई और 70 से 80 लोगों से पूछताछ करने बाद आरोपियों पता लगाया जा सका। जिसके बाद घटना का खुलासा हुआ।

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