मांग में सिंदूर, हाथ में बंदूक…सरेंडर के बाद दस्यु सुंदरियों को हुई उम्रकैद तो बौखला गया था डकैत अरविंद गुर्जर

भिंड: मांग में लाल सिंदूर, हाथ में बंदूक… कुख्यात डकैत अरविंद गुर्जर (dacoit arvind gurjar story) के साथ जब तीन दस्यु सुंदरियां सरेंडर करने आईं तो देखने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी थी। हथियार डालने वाली दस्यु सुंदरियों में एक डकैत अरविंद गुर्जर की पत्नी थी। इन दस्यु सुंदरियों को जब उम्रकैद की सजा हुई तो डकैत अरविंद गुर्जर बौखला गया था। सरेंडर करने के सात साल बाद उसने हथियार उठाने का ऐलान कर दिया था। 90 के दशक में अरविंद गुर्जर के साथ सरेंडर करने वाली सुंदरियों में अनीता कछवाह, शीला इंदौर और गंगा पांडेय थी। अनीता कछवाह अरविंद गुर्जर की पत्नी थी।

दरअसल, चंबल में अन्याय और अत्याचार के खिलाफ हथियार उठाने वालों को बागी नाम मिलता था। वहीं, 90 के दशक में जितने भी डाकू हुए, उनमें से एक पर भी अन्याय नहीं हुआ। सभी गलत संगत पड़कर और धौंस जमाने के लिए बीहड़ में कूदे। बंदूक के बल पर इनलोगों बीहड़ से खूब पैसा कमाया। साथ ही मजबूरी का फायदा उठाकर महिलाओं का शोषण भी किया। डाकू अरविंद गुर्जर और रामवीर भी इसी फेहरिस्त में शामिल हैं। दोनों ने बीहड़ में ही रहकर शादी की। अपराधों में उन महिलाओं को शामिल किया जो उनकी पत्नियां थीं। इनको अदालत ने सजा सुनाई तो फिर से बीहड़ में कूदने की धौंस दी लेकिन फिर ये धमकी कोरी ही निकली।

औरैया की एडीजे (विशेष दस्यु उन्मूलन) कोर्ट ने अपहरण के एक मामले में अरविंद गुर्जर और उसकी पत्नी अनीता कछवाह, रामवीर गुर्जर और उसकी पत्नी शीला इंदौरी सहित गिरोह के अन्य डकैतों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके साथ ही 50-50 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया था। पत्नी की सजा से बौखलाए अरविंद गुर्जर ने काफी देर तक कोर्ट परिसर में हंगामा किया था।

इस गिरोह ने स्टेशन बाजार अछल्दा औरैया निवासी अरविंद कुमार सिंह पुत्र गुलाब सिंह वैस के पुत्र तोषू का अपहरण 15 अगस्त 2004 को किया था। फिरौती वसूलने के बाद तोषू को 30 सितंबर 2004 को छोड़ दिया। पुलिस ने उस मामले में अरविंद गुर्जर और रामवीर, अनीता उर्फ बबली और शीला इंदौरी के अलावा आधा दर्जन को अभियुक्त बनाया था।

तीन महिला डकैतों के साथ किया था सरेंडर
2005 में डकैत अरविंद गुर्जर ने भिंड की पुलिस लाइन में तीन महिला डकैतो के साथ सरेंडर किया था। अरविंद की पत्नी अनिता कछवाह अपने पिता से मारपीट करने वालों से बदला लेने के लिए गिरोह में शामिल हुई थी। इसके बाद वह अरविंद गुर्जर से शादी कर हथियार उठा ली थी। वहीं अपहरण गैंग में शामिल शीला इंदौरी से अरविंद गुर्जर ने अपने बड़े भाई रामवीर की शादी कर दी। गिरोह के एक अन्य सदस्य दीपू तोमर की शादी गंगा पांडेय से कराई गई थी। बताया जाता है कि गंगा को भी गिरोह अपहृत कर लाया था।

मांग में सिंदूर और हाथों में बंदूक

वहीं, जब तीनों महिला डकैत समर्पण करने आई थीं, तब उनकी मांग में सिंदूर और हाथों में बंदूक थी। इनके सरेंडर की खबर सुनकर वहां बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। लोगों पहली बार महिला डकैतों को ऐसे देख रहे थे। उस वक्ती कई तस्वीरें भी सामने आई थीं।

अरविंद गुर्जर ने खरीदा था मोबाइल
दस्यु अरविंद गुर्जर चंबल का पहला ऐसा डकैत था, जिसने सबसे पहले अपने लिए कीपैड मोबाइल खरीदा था। वो मोबाइल से अपने संरक्षण दाताओं से बात करता था। 2005 में जब डकैत अरविंद ने भिंड पुलिस लाइन में सरेंडर किया, तब भी उसके पास नोकिया का मोबाइल था। समर्पण के दौरान भी उसने कई बार मोबाइल से बात की थी। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि मोबाइल के जरिए ही उसे सरेंडर के लिए तैयार किया गया था।

इंदौर में प्राइवेट नौकरी करता था अरविंद
जुर्म की दुनिया में आने से पहले अरविंद इंदौर में प्राइवेट नौकरी करता था, यहीं से उसे मोबाइल के बारे में जानकारी हो गई थी। समर्पण के समय भी उसने पुलिस के सामने यह मांग रखी थी कि उसे जेल में मोबाइल रखने की छूट दी जाए। वहीं, जेल मैन्युअल का हवाला देकर उसे ये छूट नहीं दी गई।

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