भारत जोड़ो यात्रा: राहुल गांधी की ‘जय श्री राम’ की फिलॉसफी, मंच से बताया इन 3 नारों का मतलब

हाइलाइट्स

राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा
राहुल गांधी ने बीजेपी और आरएसएस को घेरा
राहुल ने कहा कि राम ने समाज को जोड़ने का काम किया था

आगर मालवा. भारत जोड़ो यात्रा (Bharat Jodo Yatra) के तहत मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले में पहुंचे राहुल गांधी की जय श्री राम फिलॉसफी (Jai Shri Ram Philosophy) सामने आई है. राहुल गांधी ने आगर मालवा में मंच से राम के 3 नारों का मतलब समझाया. राहुल गांधी ने इस दौरान आरएसएस और बीजेपी पर भी जमकर निशाना साधा. राहुल गांधी ने कहा कि पहला नारा है ‘हे राम’. भगवान राम वे तपस्वी थे जिन्होंने अपनी पूरी जिंदगी तपस्या में लगा दी. राहुल बोले कि यात्रा में एक पंडित जी ने उनसे कहा कि गांधीजी हे राम कहते थे.

राहुल गांधी ने कहा कि राम जीने का तरीका था. भगवान राम एक व्यक्ति नहीं थे. वह जीने का एक तरीका था. दूसरा नारा ‘जय सिया राम’ है. जय सिया राम का मतलब सीता और राम एक ही हैं. इसलिए नारा है जय सियाराम. राम सीता के लिए लड़े थे. बकौल राहुल जब हम जय सियाराम कहते हैं तो हम सीता जी को याद करते हैं. राहुल ने कहा कि समाज में सीता की जगह होनी चाहिए. सब उनका आदर करते हैं. जय सियाराम जय-जय सीता राम.

राहुल ने कहा कि राम ने समाज को जोड़ने का काम किया
राहुल बोले तीसरा नारा है ‘जय श्री राम’. उसमें हम भगवान राम की जय करते हैं. बीजेपी के लोग जय श्री राम कहते हैं लेकिन कभी जय सियाराम नहीं कहते और हे राम क्यों नहीं कहते. राहुल ने आरोप लगाया कि आरएसएस और बीजेपी के लोग जिस भावना से राम ने अपनी जिंदगी जी उस भावना से अपनी जिंदगी नहीं जीते. राम ने किसी के साथ अन्याय नहीं किया. राम ने समाज को जोड़ने का काम किया. राम ने सबको इज्जत दी. भगवान राम ने किसानों की, मजदूरों की और व्यापारियों की सबकी मदद की.

राहुल बोले बीजेपी वाले इसलिए जय सियाराम नहीं कहते
राहुल गांधी ने आगे कहा कि बीजेपी वाले जय सियाराम और जय सीताराम नहीं कर सकते क्योंकि उनके संगठन में महिला नहीं है तो वह जय सियाराम का संगठन ही नहीं है. क्योंकि उनके संगठन में महिला तो रह ही नहीं सकती. सीता तो रह नहीं सकती. सीता को तो बाहर कर दिया यह बहुत गहरी बात है.

Tags: Agar malwa news, Bharat Jodo Yatra, Madhya pradesh news, Rahul gandhi

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