बाइडन ने वैश्विक तापमान वृद्धि से लड़ने के लिये विश्व नेताओं से संकल्प मजबूत करने की अपील की

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उन्होंने कहा कि यूक्रेन पर रूस के आक्रमण ने जीवाश्म ईंधन को चरणबद्ध तरीके से हटाने की आवश्यकता को बढ़ा दिया है। बाइडन ने कहा, हम अब अपने कृत्यों के परिणामों से अनभिज्ञ नहीं रह सकते या अपनी गलतियों को दोहराना जारी नहीं रख सकते।

अमेरिका के राष्ट्रपति जो. बाइडन ने शुक्रवार को जलवायु परिवर्तन पर वार्षिक अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन में कहा कि विश्व के नेताओं को वैश्विक तापमान वृद्धि (ग्लोबल वार्मिंग) से लड़ने के अपने संकल्प को मजबूत करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यूक्रेन पर रूस के आक्रमण ने जीवाश्म ईंधन को चरणबद्ध तरीके से हटाने की आवश्यकता को बढ़ा दिया है।
बाइडन ने कहा, हम अब अपने कृत्यों के परिणामों से अनभिज्ञ नहीं रह सकते या अपनी गलतियों को दोहराना जारी नहीं रख सकते।

उन्होंने संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन (सीओपी 27) में कहा, यह सभा हमारे भविष्य और दुनिया के लिए एक बेहतर कहानी लिखने की हमारी साझा क्षमता को लेकर फिर से प्रतिबद्धता जताने का क्षण होना चाहिए।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि विश्व के नेताओं को ‘ग्लोबल वार्मिंग’ से लड़ने के अपने संकल्प को मजबूत करना चाहिए क्योंकि जलवायु प्रयास पहले से कहीं ज्यादा जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि यूक्रेन पर रूस के आक्रमण ने जीवाश्म ईंधन को चरणबद्ध तरीके से हटाने की आवश्यकता को बढ़ा दिया है।

बाइडन ने मिस्र में सिर्फ तीन घंटे बिताए और इस दौरान देश के राष्ट्रपति अब्दुल-फतह अल-सिसी से भी मुलाकात की। उनकी यात्रा का अगला पड़ाव कंबोडिया होगा, जहां वह दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों के नेताओं की बैठक में शामिल होंगे। इसके बाद वह दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं-जी-20 के वार्षिक शिखर सम्मेलन में शामिल होने इंडानेशिया पहुंचेंगे।
बाइडन ने जलवायु सम्मेलन में एक नए पूरक नियम पर चर्चा की जो मीथेन उत्सर्जन पर अंकुश लगाने से संबंधित है। मीथेन एक ग्रीनहाउस गैस है, जो ग्लोबल वार्मिंग में महत्वपूर्ण योगदान देती है।

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