प्रधान आरक्षक ने लगाए पुलिस अधिकारियों पर हत्या की साजिश रचने के आरोप

सागर: मध्यप्रदेश के सागर जिले में पुलिस बल में पदस्थ कार्यवाहक प्रधान आरक्षक उमा शंकर कटारे ने अपना एक वीडियो जारी किया है। सोशल मीडिया पर जारी इस वीडियो के जरिए उन्होंने पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सागर रेंज आइजी से लेकर एसपी तक प्रताड़ना का आरोप लगाया है।

प्रधान आरक्षक कटारे ने आरोप लगाते हुए कहा कि वह वर्ष 2013 से शाहगढ़ थाने में पदस्थ थे। उनका पूरा कार्यकाल निर्विवाद निकला है। 3 सितंबर 2022 को शाहगढ़ थाना प्रभारी का एक आडियो वायरल हुआ था। इसमें वे स्टाफ के साथ गालीगलौज कर रहे थे। उक्त आडियो वायरल करने का आरोप उन पर लगाया गया और परेशान किया जाने लगा।

IG कर रहे हैं परेशान, बार-बार कर रहे हैं ट्रांसफर

इस घटना के बाद उन्होंने अपना ट्रांसफर पुलिस लाइन करा लिया। लेकिन जब वह पुलिस लाइन में ज्वाइंन करने पहुंचे तो पता चला कि उनका ट्रांसफर आइजी द्वारा टीकमगढ़ कर दिया गया है। इसके बाद मैं आइजी सर के पास पेश हुआ और ट्रांसफर का कारण पूछा। उनसे निवेदन किया कि ट्रांसफर करना ही है तो छतरपुर या पन्ना कर दो मैं ज्वाइंन कर लूंगा। लेकिन ऐसा नहीं किया गया। हाईकोर्ट जाकर ट्रांसफर पर स्टे लेकर आया।

लेकिन करीब 10 दिन बाद फिर ट्रांसफर कर दिया गया। मुझे लगातार परेशान किया जा रहा है। वहीं शाहगढ़ थाना प्रभारी पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। सागर एसपी से भी शिकायत की। लेकिन मेरी सुनवाई नहीं हुई। उनके पास मिलने का समय नहीं है।

मैं गलत हूं तो मेरी जांच करा लें

प्रधान आरक्षक कटारे ने आरोप लगाते हुए आगे कहा कि मेरा बार-बार ट्रांसफर कर परेशान किया जा रहा है। पुलिस विभाग के अफसर ही मेरे खिलाफ किसी आपराधिक गतिविधि में फंसाने की साजिश रच रहे हैं। मैं कहीं गलत हूं तो मेरी जांच करा लें। यदि दोषी पाया जाता हूं तो बर्खास्त कर दें। कटारे ने वीडियो जारी कर मुख्यमंत्री से मामले को संज्ञान में लेने की मांग की है।

आरक्षक के आरोप हैं निराधार

सोशल मीडिया पर  प्रधान आरक्षक उमाशंकर कटारे द्वारा जारी वीडियो के अनुसार लगाए गए सभी आरोपों को लेकर पुलिस विभाग ने भी अपना पक्ष रखा है। विभाग के मुताबिक थाना शाहगढ़ पदस्थापना के दौरान कार्यवाहक प्र.आरक्षक उमाशंकर कटारे के बार-बार अनाधिकृत अनुपस्थित होने एवं वरिष्ठ अधिकारियों के प्रति अनुशासनहीन आचरण करने, थाना गतिविधियों व वार्तालाप संवाद की गोपनीयता भंग करने के संबंध में अनुविभागीय अधिकारी पुलिस से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर दिनांक 16 सितंबर को कार्यवाहक प्रधान आरक्षक को पुलिस महानिरीक्षक सागर जोन सागर द्वारा प्रशासनिक दृष्टिकोण से जिला सागर से जिला टीकमगढ स्थानान्तरण किया गया था।

उपरोक्तानुसार माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के पालन में पुलिस महानिरीक्षक सागर जोन सागर द्वारा पूर्व में जारी स्थानान्तरण आदेश को दिनांक 05 नवंबर को निरस्त किया गया व माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार एवं विधिक प्रावधान के अनुरूप, दिनांक 09 नवंबर 2022 को जोनल स्थापना बोर्ड के अनुमोदन उपरांत, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक उमाशंकर कटारे को, जिला टीकमगढ स्थानांतरित किया गया।

कार्यवाहक प्रधान आरक्षक उमाशंकर का यह आरोप कि उन्हें ही मात्र स्थानांतरित किया गया है, यह पूर्णतः असत्य है। क्योंकि जोनल स्थापना बोर्ड के अनुमोदन उपरांत, दिनांक 09 नवंबर को पृथक से अन्य पारित आदेशानुसार अन्य अधिकारी/कर्मचारीगण भी अन्यत्र स्थानांतरित किये गये हैं।

सोशल मीडिया में जारी कथित वीडियो के माध्यम से प्रधान आरक्षक उमाशंकर कटारे द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों के विरूद्ध पूर्णतः भ्रामक आरोप लगाये गये हैं। कार्यवाहक प्रधान आरक्षक को किसी भी प्रकार से न तो प्रताडित किया जा रहा है और न ही धमकाया जा रहा है। कटारे द्वारा सोशल मीडिया में जारी वीडियो में व्यक्त आरोप पूर्णतः निराधार, मनगंढत एवं भ्रामक होकर पुलिस सेवा शर्तो एवं आचरण नियमों का उल्लंघन है।

 

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