पुलिस कमिश्नर सिस्टम : 1 साल में इंदौर में क्या हुआ बदलाव, अपराध का ग्राफ गिरा या उठा?

इंदौर. मध्यप्रदेश के दो ही शहरों में फिलहाल पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू है. इसमें इंदौर और भोपाल शामिल हैं इंदौर में कमिश्नर प्रणाली लागू हुए एक वर्ष पूरा हो गया है. बीते एक साल में संसाधनों के अभाव में बेहतर पुलिसिंग का प्रयास किया गया. हरिनारायण चारी मिश्रा इंदौर के पहले पुलिस कमिश्नर के तौर पर नियुक्त किये गए थे. इसलिए उनके लिए कमिश्नर प्रणाली को सफल करना चुनौती था. खासकर उस वक्त, जब यह प्रणाली प्रयोग के तौर पर शुरू की गई हो.

कमिश्नर प्रणाली को एक वर्ष पूर्ण होने पर कमिश्नर इंदौर हरिनारायण चारी मिश्रा ने बताया कि पहले सीमित अफसर ही थे. यह प्रणाली लागू होने के बाद शहर को कई अफसर मिले हैं, जो लगातार मॉनिटरिंग करते हैं, इसका परिणाम है कि हर प्रकरण की सूक्ष्मता से जांच की जाती है. सभी को अलग-अलग शाखाओं का प्रभार सौंपा गया है. लिहाजा सभी शत प्रतिशत देने का प्रयास करते हैं, यही बड़ी वजह है जिसके कारण बीते एक वर्ष पुलिस के व्यवहार से असंतुष्ट होकर उनके विरूद्ध आने वाली शिकायतों में लगभग 27 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है.

एक साल में इन मामलों में आई कमी
छेड़छाड़ के मामलों में कमी आई है. बलवा के प्रकरणो में एक चौथाई कमी आई है. सम्पत्ति से जुड़े  मामलो में कमी दर्ज की गई है. डकैती के मामलो में भारी कमी देखी गई है, बीते वर्ष छह डकैती की वारदात हुई हैं, लेकिन इस साल एक भी डकैती की वारदात नहीं हुई है. पहले आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है, लिहाजा पुराने अपराधों में शामिल रहे लोगों के अपराधों में शामिल होने की कमी आई है.

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महिला अपराधों में कमी आई
कमिश्नर मिश्रा के मुताबिक चूंकि मालवा इलाका साम्प्रदायिक हिंसा के लिहाज से भी संवेदनशील है, बीते कुछ समय में संभाग के कई हिस्सों में कई घटनाएं हुई. इसमें खरगोन, सेंधवा और अन्य जिले शामिल हैं. खरगोन में दंगों के कारण लम्बे समय कर्फ्यू लगाया गया था, लेकिन इंदौर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली की सक्रियता काम आई. पुलिस ने पूरे एक साल में 60 साम्प्रदायिक दंगों की साजिश को विफल कर दिया. इंदौर शहर में महिला संबंधी अपराधों पर भी बेहतर काम करने के निर्देश स्टाफ को दिए गए थे. साल की  शुरुआत के में महिलाओं की छेड़छाड़ की शिकायतों में अचानक इजाफा हुआ था. इसके बाद सख्ती बरतने के निर्देश दिए थे, इसका परिणाम हुआ कि महिलाओं के खिलाफ छेड़छाड़ की शिकायतों में कमी दर्ज की गई है.

एक भी ऐसा अनसुलझा प्रकरण नहीं
प्रसन्नता जाहिर करते हुए कमिश्नर मिश्रा ने बताया कि इस वर्ष  में अब तक कोई भी ऐसा प्रकरण नहीं है जो सुलझा नहीं हो, शत प्रतिशत अपराधों पर नियंत्रण हुआ है, ह्त्या, हत्या के प्रयास, एव अन्य सभी प्रकरण पुलिस ने बड़ी आसानी से सुलझाए हैं. मौजूदा वक़्त में ऐसा कोई भी प्रकरण नहीं है जो अनसुलझा हो. कुछ समय पहले भारत जोड़ो यात्रा से पहले राहुल गांधी के लिए धमकी भरा पत्र पहुंचा था. यह बेहद चुनौती  पूर्ण था.  फिर भी पुलिस ने समय रहते आरोपी को गिरफ्तार किया. यह आरोपी बिलकुल अनजान था, इसका कोई तकनीकी सहयोग नहीं था. फिर भी पुलिस ने उसे समय रहते गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था

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