नोएडा: ट्विन टॉवर्स से मिली नसीहत, बहुमंजिली इमारतों के स्ट्रक्चरल ऑडिट की पॉलिसी को मंजूरी

हाइलाइट्स

यह फैसला शनिवार को नोएडा प्राधिकरण बोर्ड की 207वीं बैठक के दौरान लिया गया.
बैठक की अध्यक्षता नोएडा अथॉरिटी के चेयरमैन अरविंद कुमार ने की.
जिसमें नोएडा अथॉरिटी की मुख्य कार्यकारी अधिकारी रितु माहेश्वरी भी मौजूद थीं.

नोएडा. नोएडा प्राधिकरण बोर्ड ने शहर में बहुमंजिला इमारतों के ढांचागत ऑडिट (Structural audit) के एक नए नीतिगत प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. इस नई नीति में ऑडिट के दौरान इमारतों में मिली खराबी की मरम्मत करने के लिए बिल्डरों के साथ-साथ रेजिडेंट एसोसिएशनों की भूमिकाओं और जिम्मेदारियों को तय किया गया है. एक आधिकारिक बयान में जानकारी दी गई है कि यह फैसला शनिवार को सेक्टर 6 स्थित नोएडा प्राधिकरण के कार्यालय में हुई बोर्ड की 207वीं बैठक के दौरान लिया गया. बैठक की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश इंफ्रास्ट्रक्चर एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कमिश्नर और नोएडा अथॉरिटी के चेयरमैन अरविंद कुमार ने की. जिसमें नोएडा अथॉरिटी की मुख्य कार्यकारी अधिकारी रितु माहेश्वरी भी मौजूद थीं.

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नीति को बोर्ड ने मंजूरी दे दी है, लेकिन स्थानीय स्तर पर कागजी कार्रवाई के कारण इसे लागू होने में करीब एक सप्ताह का समय लगेगा. अधिकारी ने कहा कि नोएडा में लगभग 100 ऊंची बहुमंजिली इमारतें हैं. जिनमें से कई में कई टॉवर हैं. अथॉरिटी एरिया में स्थित बहुमंजिला इमारतों के स्ट्रक्चरल ऑडिट के संबंध में बयान में कहा गया है कि ‘फ्लैट बायर्स और एओए (अपार्टमेंट मालिक एसोसिएशन) की मांग पर नोएडा अथॉरिटी द्वारा स्ट्रक्चरल पॉलिसी तैयार की गई थी. स्ट्रक्चरल ऑडिट पॉलिसी को प्राधिकरण बोर्ड ने आंशिक संशोधनों के साथ मंजूरी दी है.

बयान में कहा गया है कि इस नीति के अनुसार आंशिक या पूर्ण कब्जा प्रमाणपत्र जारी करने से पहले डेवलपर द्वारा सूचीबद्ध आईआईटी या एनआईटी या विशेषज्ञ संस्थानों से स्ट्रक्चरल ऑडिट रिपोर्ट पेश की जाएगी. इसमें कहा गया है कि किसी भी परियोजना में आंशिक या पूर्ण कब्जा प्रमाण पत्र जारी होने के बाद भी अगर एओए या टॉवर के 25 प्रतिशत या उससे अधिक आवंटी खराबियों की शिकायत करते हैं, तो प्राधिकरण स्तर पर गठित समिति शिकायत की जांच करेगी और यह तय करेगी कि खराबी है या नहीं. अपार्टमेंट स्वामित्व अधिनियम के तहत यह बिल्डर की जिम्मेदारी है कि वह दो साल के भीतर खराबियों को दूर करे.

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गौरतलब है कि रेरा अधिनियम के अनुसार खराबियों की मरम्मत करने की जिम्मेदारी पांच साल के लिए बिल्डर के पास होती है और पांच साल बाद एओए के पास होती है. इस समय की गणना पूरी योजना के कब्जा प्रमाण पत्र जारी करने के बाद की जाएगी. वर्तमान में बोर्ड द्वारा यह फैसला लिया गया है कि अगर स्ट्रक्चरल ऑडिट रिपोर्ट निगेटिव आती है तो कब्जा जारी होने की तारीख से पांच साल के भीतर बिल्डर खराबियों को दूर करेगा.

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