दुनिया बदल गई है, CBI को भी बदलने की जरूरत- जानें सुप्रीम कोर्ट ने क्यों दी ऐसी सलाह

हाइलाइट्स

सुप्रीम कोर्ट ने दी सीबीआई को सलाह, कहा- नियमावली अपडेट करें
कहा- याचिका में अहम मुद्दे जिन पर केंद्र अपना जवाब दाखिल करे
जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए केंद्र को आठ हफ्तों का वक्त

नई दिल्ली. उच्चतम न्यायालय (Supreme Court ) ने निजी डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जब्ती, पड़ताल और उन्हें सुरक्षित रखने पर जांच एजेंसियों के लिए दिशानिर्देश जारी करने का अनुरोध करने वाली एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सोमवार को कहा कि दुनिया बदल गई है तथा सीबीआई (CBI) को भी बदलना चाहिए. याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए वकील ने कहा कि निजता के मुद्दे पर दुनिया भर में जांच एजेंसियों के लिए नियमावली को अपडेट किया जा रहा है.

जस्टिस एस.के. कौल और जस्टिस ए.एस. ओका की पीठ ने कहा कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की नियमावली को अपडेट करने की जरूरत है, जो जांच के दौरान अपनाई जाने वाली प्रक्रिया निर्धारित करती है. जस्टिस कौल ने कहा, ‘दुनिया बदल गई है, सीबीआई को भी बदलना चाहिए.’ जस्टिस ओका ने कहा कि उन्होंने सीबीआई की नियमावली देखी है और इसे अद्यतन करने की जरूरत है. केंद्र ने इस विषय पर पिछले महीने दाखिल किये गये अपने हलफनामे में कहा था कि कानून लागू करने और अपराध की जांच से जुड़े मुद्दों पर सभी वर्गों से सुझाव/आपत्तियां लेना उपयुक्त होगा, क्योंकि कानून-व्यवस्था ‘राज्य सूची’ का विषय है.

नियमावली नये सिरे से तैयार की गई और 2020 में प्रकाशित की गई                                हलफनामे में कहा गया है कि जहां तक याचिकाकर्ताओं की आशंकाओं का सवाल है, उनमें से ज्यादातर का समाधान सीबीआई नियमावली 2020 के अनुपालन से किया जा सकता है. केंद्र ने कहा है, ‘यह दलील दी जाती है कि सीबीआई नियमावली के महत्व को पूर्व में इस न्यायालय ने स्वीकार किया है और इस आलोक में नियमावली नये सिरे से तैयार की गई और 2020 में प्रकाशित की गई. ’ केंद्र की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलीसीटर जनरल (एएसजी) एस वी राजू ने सोमवार को पीठ से कहा कि उन्होंने एक हलफनामा दाखिल किया है और विषय को सुनवाई के लिए मंगलवार, बुधवार या बृहस्पतिवार में से किसी दिन निर्धारित किया जा सकता है.

याचिका में व्‍यापक महत्‍व के मुद्दे, केंद्र जवाब दाखिल करे                                                             पीठ ने विषय की सुनवाई अगले साल सात फरवरी से शुरू हो रहे सप्ताह में निर्धारित कर दी. इससे जुड़े एक अलग विषय में याचिकाकर्ता संगठन की ओर से पेश हुए एक वकील ने पीठ से कहा कि उनकी याचिका में उठाये गये मुद्दे व्यापक महत्व के हैं और केंद्र को उस पर अपना जवाब दाखिल करना चाहिए. पीठ ने संगठन की याचिका पर जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए केंद्र को आठ हफ्तों का वक्त दिया और इसे 12 हफ्तों के बाद सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया.

Tags: CBI, Central government, Supreme Court

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