‘दुनिया की सबसे छोटी मुर्गी’ को पेट बनाने की होड़ में लगे यहां के लोग! घरों में रखना बन गया ट्रेंड

आज के वक्त में अगर किसी के घर में पेट यानी पालतू जानवर ना हो तो उन्हें बड़ा आदमी नहीं समझा जाता. यही वजह है कि लोग कुत्ते, बिल्ली, खरगोश आदि जैसे जीवों को पाल लेते हैं. जो लोग गाय प्रेमी होते हैं वो गाय भी घरों में पाल लेते हैं, पर क्या आपने कभी किसी को घरों में मुर्गी को पालतू जानवर (chicken pet animal) बनाकर रखते देखा है? आज हम आपको चीन (China chicken pet in house) के एक नए ट्रेंड के बारे में बताने जा रहे हैं जहां मुर्गे-मुर्गियों को लोग पाल रहे हैं.

आप कह सकते हैं कि पोल्ट्री फार्मिंग तो काफी पहले से चला आ रहा बिजनेस है तो फिर चीन में ये ट्रेंड नया कैसे हो गया. दरअसल, जिस ट्रेंड की हम बात कर रहे हैं, इसमें लोग अपने घरों में मुर्गी (pet chicken in house in China) या उसके अंडों को बेचने के लिए नहीं, बल्कि उन्हें पेट बनाकर रखने के लिए पाल रहे हैं. ये मुर्गी भी आम मुर्गियों से बिल्कुल अलग है क्योंकि इन्हें ‘दुनिया की सबसे छोटी मुर्गी’ (World’s Smallest Chicken) माना जाता है. रूटिन चिकेन (Rutin Chicken) के नाम से फेमस इन मुर्गे-मुर्गियों को स्टक के नाम से भी जाना जाता है.

बटेर और तीतर का क्रॉस है ये चिकेन
रूटिन चिकेन, आम चिकेन से साइज में बेहद छोटे होते हैं. तुलना के लिए बता दें कि इनका साइज इंसान की हथेली के बराबर होता है और वजन 50 ग्राम तक हो सकता है. इनको बेचने वाले लोग इन्हें केस में बेचते हैं जिसमें इनके लिए छोटे कमरे, बल्ब, सजावट की अन्य चीजें बनी होती हैं. जब से ये टिकटॉक पर फेमस हुआ है, तब से चीन में लोग अपने छोटे घरों में इन्हें जगह देने लगे हैं. आपको बता दें कि इनका नाम रूटिन, विटामिन-पी की वजह से पड़ा जिसे रूटिन भी कहा जाता है. इस जीव के अंडे में भी विटामिन-पी होता है. आपको बता दें कि ये चिकेन नहीं, बटेर और तीतर का क्रॉस (cross of quail and partridge) होते हैं इसलिए इनका साइज छोटा होता है.

देखरेख है काफी मुश्किल
इनके मेंटेनेंस की बात करें तो इन्हें रखने में काफी ध्यान देना पड़ता है. चूज़ों के लिए 35 डिग्री से 38 डिग्री सेल्सियस तापमान अनुकूल होता है वहीं वयस्क चिकेन के लिए 20-30 डिग्री तापमान आवश्यक होता है. इनके अंडे काफी छोटे होते हैं मगर ये अन्य चिकेन की तुलना में अंडे देने में काफी आगे हैं. 365 दिन में से 300 दिन ये अंडे दे सकते हैं. चिकेन गंदगी भी बहुत फैलाते हैं इसलिए साफ-सफाई का भी काफी ध्यान रखना पड़ता है.

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