दिव्यांग का दर्द: राशन के लिए 2 महीने से दर-दर भटक रहा सूरज, परिवार का पेट पालना हुआ मुश्किल

रिपोर्ट : कैलाश कुमार

बोकारो. झारखंड के बोकारो शहर के दुंदीबाद इलाके के रहने वाले सूरदास सूरज नारायण पिछले 2 माह से डीसी कुलदीप चौधरी के ऑफिस के चक्कर लगा रहे हैं. हालांकि यहां उनकी सुनने वाला कोई नहीं है. ऑफिस के स्टॉफ डीएम साहब से मिलने तक नहीं देते हैं. हमेशा एक सप्ताह-10 दिन बाद आने को कहकर लौटा दिया जाता है. दरअसल सूरज को पिछले 2 महीने से राशन नहीं मिल रहा है, जिससे घर पर खाने को लाले पड़ गए हैं. ऐसे में परिवार का भरण पोषण उनके लिए संकट का विषय बन गया है. हालांकि न्यूज़ 18 लोकल की पहल के बाद जिला आपूर्ति पदाधिकारी गीतांजलि ने सूरज के लिए राशन की आपूर्ति सुनिश्चित कराने की बात कही है.

सूरज नारायण ने न्यूज़ 18 लोकल को बताया कि वह दुंदीबाद इलाके में पटना खटाल के पास रहते हैं. गरीबी रेखा से नीचे होने के बावजूद उनका ग्रीन कार्ड बनाया गया है और जन वितरण प्रणाली की दुकान पर पिछले दो महीने से राशन नहीं दिया जा रहा है. ऐसे में घर पर खाने-पीने का संकट उत्पन्न हो गया है. उन्होंने बताया कि घर पर उनके अलावा दिव्यांग पत्नी (दोनों पैरों से लाचार) व दो छोटे बच्चे हैं. पीडीएस की दुकान से राशन मिल जाने से परिवार का पेट भर जाता था, लेकिन फिलहाल वह भी बंद कर दिया गया है.

न्यूज़ 18 लोकल की पहल पर एक्शन
इस संबंध में जिला आपूर्ति पदाधिकारी गीतांजलि ने न्यूज18 लोकल को फोन पर बताया कि ग्रीन कार्ड वालों का पिछले दो महीने से राशन आपूर्ति ठप है. एफसीआई से राशन नहीं भेजा जा रहा है. इसलिए जिले भर में इसके लाभुक राशन नहीं उठा पा रहे हैं. हालांकि गीतांजलि ने सूरज नारायण के लिए राशन की आपूर्ति सुनिश्चित कराने की बात कही है. उन्होंने बताया कि संबंधित पीडीएस दुकानदार से सूरज को राशन देने को कह दिया गया है.

सूरज ने की नौकरी की मांग
वहीं, सूरज नारायण ने प्रशासन से अपील करते हुए नौकरी की मांग की है. उन्होंने बताया कि वह ग्रेजुएट हैं, लेकिन लाख खोजने के बाद नौकरी नहीं मिल रही है. ऐसे में इस महंगाई में परिवार का भरण पोषण बड़ी चुनौती है. यदि एक नौकरी का इंतजाम हो जाए तो बच्चों का सही से लानन-पालन हो जाएगा और वे पढ़-लिख जाएंगे.

Tags: Bokaro news, BPL ration card, Free Ration, Jharkhand news

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