डार्क स्पॉट से लेकर स्किन लाइटिंग और एंटी एजिंग के लिए पान के पत्ते का अर्क आएगा बहुत काम | Betel leaves are effective in reducing effect of aging, spots, acne | Patrika News

हबर्ल क्रीम में भी पान के पत्ते का अर्क डाला जाता है,क्योंकि ये स्किन से जुड़ी तमाम समस्याओं पर बहुत असर करता है। पान के पत्ते में आयोडीन, पोटेशियम, विटामिन ए, विटामिन बी, विटामिन बी2 और निकोटिनिक एसिड जैसे आवश्यक पोषक तत्व पाए जाते हैं जो स्किन के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं।

1. एंटी एजिंग में फायदेमंद
पान के पत्ते के अर्क में एंटीएजिंग प्रभाव होता है। यह प्रभाव एजिंग की समस्या के कारण त्वचा पर पड़ने वाले फाइन लाइन्स, झुर्रियों और आंखों के पास एजिंग इफेक्ट के साथ स्किन में लचीलापन लाता है।
2. मुंहासों को कम करे
मुंहासे बैक्टीरिया के कारण होते हैं और इस पर पान के पत्तों का पेस्ट लगाया जाए तो बैक्टिरिया के बढ़ना रोका जा सकता है। प्रोपियोनि बैक्टीरियम एक्ने की समस्या होती है। मुंहासे में मवाद, खुजली और दर्द हो तो पान के पत्ते का पेस्ट या उसक अर्क लगाएं। पान के पत्तों के अर्क में एंटी बैक्टीरियल प्रभाव सारी समस्या को दूर करेगा।
3. डार्क स्पॉट
पान के पत्तों के एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल प्रभाव होता है और यही कारण है कि ये घाव को भरने, सूजन कम करने के साथ डार्क स्पॉट्स में भी बहुत प्रभावी होता है। पान के पत्ते के अर्क में स्किन लाइटनिंग का गुण भी होता है। इसलिए ये डार्क स्पॉट को कम करने के साथ स्किन की टैनिंग और सांवलेपन को भी दूर करते हैं।
4. स्किन डिजीज
खुजली, जलन, फुंसी और दर्द और चकत्तों पर भी पान के पत्तों का पेस्ट बहुत काम आते हैं। कटने-छिलने या चोट पर भी इसे लगाना फायदेमंद होता है।

5. चकत्ते की समस्या में
पान के पत्तों में एंटी माइक्रोबियल और एंटीसेप्टिक प्रभाव होते हैं।, इसलिए ये दाद-फंगल इंफेक्शन या चकत्तों पर बहुत काम आते हैं। पान के 10 पत्तों को उबालें और इस पानी से नहाएं।
6. सूजन दूर कने वाले
पान के पत्तों में एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रभाव होता है और इसके पत्तों में मौजदू फ्लेवोनोइड्स और पॉलीफेनोल्स सूजन की समस्या में लाभदायक होते हैं। मुहांसे में सूजन हो, या शरीर में। हर तरह की सूजन में काम आता है।
7. स्किन व्हाइटनिंग प्रभाव
बेदाग और चमती त्वचा के लिए भी पान के पत्ते का उपयोग लाभदायक हो सकता है। पान के पत्ते में स्किन लाइटनिंग प्रभाव होता है। इससे त्वचा की रंगत को निखारने के साथ ही इसे चमकदार और बेदाग बनाने में मदद मिल सकती है।

(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सभी जानकारियां सूचनात्मक उद्देश्य से लिखी गई हैं। इनमें से किसी भी सलाह पर अमल करने या किसी तरीके को अपनाने का फैसला आपका व्यक्तिगत निर्णय होगा। किसी भी निष्कर्ष तक पहुंचने से पहले कृपया किसी विशेषज्ञ से परामर्श जरूर करें।)



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published.