ट्रेनों की स्‍पीड बढ़ाने के लिए और तीन राज्‍यों में बनेगा डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर

हाइलाइट्स

दो राज्‍यों में डीपीआर पर काम हुआ शुरू
इन राज्‍यों में सवारी गाड़ियों की स्‍पीड बढ़ेगी

नई दिल्‍ली. केन्‍द्र सरकार ने ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने के लिए डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के विस्‍तार करने का फैसला किया है. यह कोरिडोर तीन और राज्‍यों में बनेगा. जिससे माल ढुलाई और आम लोगों दोनों को सुविधा होगी. इसकी घोषणा रेल मंत्री अश्विनी वैष्‍णव ने दिल्‍ली में आयोजित एक कार्यक्रम में स्‍वयं की है. मौजूदा समय देश में दो कॉरिडोर ईस्‍टर्न और वेस्‍टर्न से माल ढुलाई हो रही है.

रेल मंत्री अश्विनी वैष्‍णव ने डीएफसीसी के स्‍थापना दिवस के मौके पर बताया कि तीन और राज्‍यों में डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बनाया जाएगा. ये राज्‍य झारखंड, उड़ीसा और छत्‍तीसगढ़ हैं. दो राज्‍यों में डीपीआर पर काम शुरू हो चुका है और तीसरे पर जल्‍द शुरू कर दिया जाएगा.

इस उद्देश्‍य से किया जाएगा निर्माण

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दिल्ली-एनसीआर

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रेल मंत्री ने बताया कि तीन राज्‍यों में कॉरिडोर बनने के बाद मालगाड़ियां को इन पर शिफ्ट कर दिया जाएगा और सवारी गाड़ियां के लिए ट्रैक खाली हो जाएगा. जिससे सवारी गाड़ियां की स्‍पीड बढ़ जाएगी. वहीं, मालगाड़ियां भी अपने गंतव्‍य तक जल्‍दी पहुंच सकेंगी. इन राज्‍यों से कोयला की ढुलाई सबसे अधिक होती है. तीनों कॉरिडोर को पोर्ट से जोड़ा जाएग. जिससे पोर्ट तक की कनेक्‍टीविटी बेहतर हो सकेगी.

ये फ्रेट कॉरिडोर हो गए शुरू

देश में मालगाड़ियों के लिए दो कॉरिडोर का निर्माण किया गया है. 84 हजार करोड़ की लागत से बनने वाले ईस्टर्न और वेस्टर्न दोनों कॉरिडोर की लंबाई 2843 किमी. है. वेस्टर्न कोरिडोर हरियाणा से महाराष्ट्र (अटेली से जवाहर लाल नेहरू पोर्ट, जेएनपीटी) और ईस्टर्न कोरिडोर खुर्जा से पिखानी (उत्तर प्रदेश) तक बनाया जा रहा है. इन कॉरिडोर को बनाने का उद्देश्य बंदरगाहों से माल को समय से पहुंचाना है. इस ट्रैक पर मालगाड़ियां 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ेंगी. अभी 35 से 40 किमी. स्पीड से दौड़ती हैं.

फिलहाल 1600 से मालगाड़ियां शिफ्ट होंगी

दोनों कॉरिडोर को कनेक्‍ट करने का काम पूरा होने के बाद करीब 1600 मालगाड़ियां इन पर शिफ्ट हो जाएंगी. कॉरिडोर पर दौड़ने वाली मालगाड़ियां की स्‍पीड 100 किमी. प्रति घंटे हो जाएगी. मौजूदा ट्रैक खाली होने से सवारी गाड़ियां की स्‍पीड भी बढ़ेगी, जिससे ट्रेनों की पंच्‍यूअलिटी में भी सुधार होगा. यानी ट्रेनें अपने गंतव्‍य समय से पहुंचेंगी.

Tags: Indian railway, Indian Railway news, Train

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