झारखंड: सिमडेगा में गजराज का तांडव! हाथियों ने कई घरों को तोड़ा, इलाके में दहशत

हाइलाइट्स

झारखंड के सिमडेगा जिले में हाथियों का उत्पात रुकने का नाम नहीं ले रहा है.
जंगली हाथियों के एक झुंड ने गांव में धावा बोलकरसुबह तक खूब उत्पात मचाया.
हाथी गांव रात के एक बजे के करीब पहुंचे थे, ग्रामीण पहाड़ी की तरफ भाग खड़े हुए.

सिमडेगा. झारखंड के सिमडेगा जिले में हाथियों का उत्पात रुकने का नाम नहीं ले रहा है. हाथियों का झुंड लगातार उत्पात मचाते हुए बरसात में गरीबों के आशियाने को उजाड़ रहा है. हाथियों के उत्पात से ग्रामीण दहशत में हैं. बीती रात सदर प्रखंड के रंथु टोली में जंगली हाथियों के एक झुंड ने धावा बोलकर आज सुबह पांच बजे तक खूब उत्पात मचाया है. प्राप्त जानकारी के अनुसार हाथी यहां रात के एक बजे के करीब पंहुचे थे.

हाथियों की चिंघाड़ सुनकर ग्रामीण जागे और डर कर गांव के पास पहाड़ी की तरफ भाग खड़े हुए. इधर हाथियों ने रात भर गांव में घूम घूम कर उत्पात मचाते हुए गांव के तौफिल, पुष्पा, दिलीप और जेवियर के घरों को तोड़कर तहस-नहस कर दिया. बताया जा रहा है कि जेवियर के पास राशन कार्ड भी नहीं है. इधर जेवियर के घर में जो भी खाद्य सामान था वह हाथी खा गये हैं. ग्रामीणों ने वन विभाग से मदद की गुहार लगाई है.

मालूम हो कि हाथी सदर प्रखंड के इन इलाकों में पिछले 15 दिनों से लगातार उत्पात मचा रहे हैं. वन विभाग का कहना है कि वे लगातार क्षति का आकलन कर रहे हैं. इसके अलावा हाथी भगाने के सामान भी वितरण किए जा रहे हैं. वन विभाग के लोगों का कहना है कि घरों में शराब आदि नहीं रखें. इससे आकर्षित होकर हाथी घरों को तोड़ते हैं. वन विभाग की टीम ने बताया कि जिस कमरे में धान रखा रहता है वहां भी ग्रामीण ना सोएं.

वहीं वन विभाग की टीम के कार्यों पर ग्रामीण सवाल खड़ा कर रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि घर जब टूटेगा तब टीम आएगी और नुकसान का आकलन करेगी. डीएफओ कुछ बोलेंगे तभी तो पता चलेगा कि बंगाल की टीम हाथी भगाने सिमडेगा कब आएगी. हाथी उत्पात मचाते हुए गरीबों को तबाह कर रहे हैं और विभाग क्षति का आकलन कर रहा है. लेकिन यहां भरी बरसात में बेघर हुए ग्रामीणों के आशियाने के बारे में कौन सोचेगा. विभाग का मुआवजा तो एक महीने बाद मिलेगा तब तक कहां जाएं हम गरीब.

Tags: Elephants, Terror of elephants

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