ज्यादा एंटीबायोटिक्स लेने से हो सकती है बड़ी मुश्किल, जानें इसके लॉन्ग टर्म में होने वाले नुकसान

हाइलाइट्स

दुलर्भ मामलों में एंटीबायोटिक्स से गंभीर एलर्जी भी हो सकती है.
एंटीबायोटिक्स वायरस के खिलाफ काम नहीं करते.

Side Effects of Antibiotics: इस भागमभाग जिंदगी में बीमारी पड़ना आम बात है. मौसम कोई भी सर्दी, जुकाम, बुखार, फ्लू, पेट दर्द और सिर दर्द जैसी दिक्कतें होती रहती हैं. इन आम शारीरिक हेल्थ कंडीशन्स में हम कई बार एंटीबायोटिक दवाएं ले लेते हैं. लेकिन बिना हेल्थ एक्सपर्ट के एंटीबायोटिक दवाइयां लेना स्वास्थ्य के नुकसानदायक हो सकता है. एक्सपर्ट की मानें तो ज्यादा एंटीबायोटिक दवाओं से पेट संबंधी दिक्कतें हो सकती हैं.

मेडिकल न्यूज टुडे की खबर के अनुसार, एंटीबायोटिक्स रोगाणुरोधी पदार्थ होते हैं. ये आमतौर पर सुरक्षित होते हैं और बैक्टीरिया के विकास को रोकने के लिए डॉक्टर अक्सर इन्हें खाने की सलाह देते हैं, जैसे गले की खराब, सीजनल बुखार, यूरिन इनफेक्शन और स्किन संक्रमण के इलाज में एक्सपर्ट एंटीबॉयोटिक्स देते हैं. एंटीबायोटिक्स वायरस के खिलाफ काम नहीं करते. जैसे- श्वसन संक्रमण, सर्दी जुकाम या कोविड-19 का संक्रमण

एंटीबायोटिक दवाओं के सामान्य दुष्प्रभाव
जब भी आप कोई एंटीबायोटिक दवाएं लेते हैं तो कुछ सामान्य और कॉमन दुष्प्रभाव हो सकते हैं…

– पाचन संबंधी समस्याएं
– कब्ज की समस्या
– जी मिचलाना
– उल्टी होना
– दस्त आना
– सूजन की समस्या होना
– भूख में कमी होना
– पेट में दर्द या ऐंठन होना

जिन लोगों को डाइजेस्टिव साइड इफेक्ट होते हैं जैसे खूनी दस्त, गंभीर पेट दर्द, बेकाबू उल्टी ऐसी स्थिति में एंटीबायोटिक्स हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह से लेना बंद कर देना चाहिए.

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एंटीबायोटिक्स के कुछ गंभीर समस्याएं हो सकती हैं…

फंगल इंफेक्शन: वैसे तो एंटीबायोटिक्स बीमारियों से लड़ने की क्षमता बढ़ाती हैं, लेकिन कई बार यह शरीर में अच्छे बैक्टीरिया को भी मार देती हैं, जो हमे फंगल इंफेक्शन से बचाते हैं. इससे शरीर का प्राकृति बैलेंस बिगड़ जाता है. इसकी वजह से मुंह में या योनि के पास कई बार इंफेक्शन हो जाता है. इस इम्बैलेंस से मुंह और गले में कैंडिडिआसिस को थ्रश भी कहा जाता है.

मुंह या गले में थ्रश के निम्नलिखित लक्षण होते हैं.
– मुंह के अंदर सफेद दाने होना
– चीभ में लाल और सफेद दाने होना
– खाने या निगलने के दौरान दर्द होना
– टूथ ब्रश करने के दौरान खून बहना

योनि में होने वाले संक्रमण के लक्षण
– योनि में खुजली, सूजन और दर्द महसूस होना
– इंटीमेट होते समय दर्द या जलन होना
– पेट में दर्द होना
– यूरिन पास होने पर भूरे रंग का स्त्राव होना
– बुखार और ठंड लगना

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यूटीआई एंटीबायोटिक दवाओं के कारण होने वाले खमीर संक्रमण के इलाज के लिए डॉक्टर अक्सर एंटिफंगल दवा फ्लुकोनाज़ोल लिखते हैं.

  • दुलर्भ मामलों में एंटीबायोटिक्स गंभीर एलर्जी भी हो सकती है. इसे एनाफिलेक्सिस कहा जाता है.
  • एनाफिलेक्सिस होने पर कई तरह के संकेत नजर आते हैं…
    – एनाफिलेक्सिस में दिल की धड़कई सामान्य से कई गुना अधिक हो जाती है.
    – बेचैनी होने लगती है
    – झुनझुनी और चक्कर महसूस होना
    – चेहरे, मुंह और गले में सूजन की समस्या
    – होठों के नीचे सूजन
    – लो ब्लड प्रेशर की समस्या
    – बेहोशी आना

Tags: Antibiotics, Health, Lifestyle

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