जैसलमेर में भारत-मिस्र की सेनाओं का हेलीबोर्न ऑपरेशन

जैसलमेर से श्रीवत्सन की रिपोर्टः राजस्थान (Rajasthan) के जैसलमेर में 14 जनवरी से चल रहे भारतीय सेना और मिस्र की सेना के संयुक्त युद्धाभ्यास के दौरान हेलीबोर्न ऑपरेशन (Heliborne Operation) किया गया। इस दौरान दोनों देशों के सैनिकों ने एक आक्रामक ऑपरेशन चलाया। इसमें सेना के लड़ाके हथियारों के साथ ग्राउंड फोर्स कमांडर के नियंत्रण में हेलीकॉप्टर से मैदान में उतरते हैं। ये ऐसा ऑपरेशन है जो लड़ाकू हेलीकाप्टर के साथ किया जाता है।

लड़ाकू हेलीकॉप्टर से किया युद्धाभ्यास

हेलीबोर्न ऑपरेशन (Heliborne Operation) एक ऐसा ऑपरेशन है, जिसमें हवा से सैनिक युद्ध के मैदान में उतरते हैं। दुश्मन को खत्म कर हेलीकाप्टर से ही वापस लौट जाते हैं। मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल सिसी 26 जनवरी को मुख्य अतिथि के रूप में समारोह में शामिल होंगे। वे जैसलमेर में चल रही इस आर्मी एक्सरसाइज को भी देखने पहुंच सकते हैं। ये पहला मौका है जब दोनों देश किसी सैन्य एक्सरसाइज में एक साथ हिस्सा ले रहे हैं।

रेगिस्तान की रेत में सेनाओं ने दिखाया कौशल

जैसलमेर के रेगिस्तान में पाकिस्तान की सीमा के पास भारत और मिस्र की सेना के विशेष बल साइक्लोन-I के नाम से 14 दिन की जॉइंट एक्सरसाइज कर रहे हैं। रेतीले इलाकों में दोनों सेनाओं के विशेष बल के करीब 150 विशेष सैनिक आपसी तालमेल, संचालन और प्रोफेशनल स्किल को एक-दूसरे से साझा कर रहे हैं। सैन्याभ्यास में एंटी टेररिज्म, ट्रेसिंग, अटैक और अन्य विशेष अभियानों को भी शामिल किया गया है।

हवा से जमीन पर उतरे, टारगेट खत्म

इस दौरान एक खास तरीके की सर्जिकल स्ट्राइक की भी एकसरसाइज की गई। हेलीबोर्न ऑपरेशन नाम से हो रही इस एक्सरसाइज में दोनों देशों के सैनिकों ने लड़ाकू हेलीकाप्टर से जमीन पर उतरने का अभ्यास किया। इसके साथ ही आतंकियो को खत्म कर वापस हेलीकाप्टर में चढ़कर उड़ान भरी।

14 जनवरी से चल रही है एक्सरसाइज

भारत-मिस्र के बीच चल रहा पहला सैन्य अभ्यास जैसलमेर में 14 जनवरी से जारी है। संयुक्त अभ्यास में दोनों सेनाएं युद्ध कौशल और रणनीति को बांट रहे हैं। अत्याधुनिक हथियारों के साथ सर्जिकल स्ट्राइक और आतंकी गतिविधियों को किस तरह से खत्म किया जाए, इसकी प्रेक्टिस कर रही है।

गणतंत्र दिवस में शामिल होंगे मिस्र के राष्ट्रपति

इसका उद्देश्य है कि भारत और मिस्र के बीच राजनयिक संबंधों को और मजबूती मिले। साथ ही दोनों देशों में सैन्य सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सिसी गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने वाले पहले मिस्र के राष्ट्रपति और मध्य-पूर्व के पांचवें नेता होंगे।

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