जामताड़ा के महा साइबर ठग, फर्जी सीआईडी अफसर बनकर साइबर ठगों को ही लगाते थे चूना

रिपोर्ट. सुमन भट्टाचार्य

जामताड़ा. झारखंड के जामताड़ा में पुलिस ने तीन ऐसे साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया, जो स्वयं को सीआइडी अफसर बताकर अन्य साइबर अपराधियों को फर्जी नोटिस भेजकर ठगी करते थे. ये लोग फर्जी ATM से साइबर ठगी के रुपये की निकासी एवं कमीशन लेकर साइबर अपराधियों तक पहुंचाने का काम करते थे. एसपी को मिली गुप्त सूचना पर जामताड़ा साइबर पुलिस की दबिश और गिरफ्तारी के बाद इतने बड़े मामले का खुलासा हुआ है.

गिरफ्तार साइबर अपराधी में जामताड़ा के ही दक्षिण बहाल निवासी विधान चंद्र सर्खेल शामिल है, जो हिंदुस्तान पीपुल्स पार्टी का जामताड़ा जिलाध्यक्ष भी है. साइबर ठग विधान चंद्र सर्खेल के पिता कांग्रेस के जाने-माने नेता हैं. एक और साइबर अपराधी कुंदन झा की गिरफ्तारी हुई है. वह भी जामताड़ा के ही टीचर्स कॉलोनी का रहने वाला है और सॉफ्टवेयर इंजीनियर है. वहीं करमाटांड़ थाना क्षेत्र के नीमडीह निवासी साइबर अपराधी शहजाद अंसारी भी पकड़ा गया, जबकि कुख्यात साइबर अपराधी सोनबाद निवासी संतोष रक्षित भागने में सफल रहा.

इनके पास से 4 मोबाइल, 8 सिम कार्ड, 01 लैपटॉप, 06 एटीएम कार्ड, 3 मोटरसाइकिल व नगद 26 हजार रुपये की बरामदगी हुई. साइबर डीएसपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि गिरफ्तार विधान सर्खेल, कुंदन झा एवं फरार संतोष रक्षित अपने को दिल्ली सीआइडी का पदाधिकारी बताकर रांची सीआइडी साइबर सेल एवं जामताड़ा साइबर सेल के माध्यम से साइबर अपराधियों के विरूद्ध कार्रवाई करने का झांसा देकर फर्जी नोटिस भेजकर लोगों से पैसे की ठगी करते थे. वहीं शहजाद अंसारी फर्जी ATM से साइबर ठगी के रुपये का निकासी एवं कमीशन कर साइबर अपराधियों तक पहुंचना तथा फर्जी मोबाइल से साइबर ठगी करने का काम करते थे. इस संबंध में जामताड़ा साइबर अपराध थाना में कांड दर्ज कर गिरफ्तार अभियुक्तों को जेल भेजा जा रहा है एवं फरार अभियुक्त के विरूद्ध छापामारी जारी है.

Tags: Cyber Crime, Jamtara Cyber Crime

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