चंदौली में रेप के आरोपी को 22 साल की सजा: 2020 में किशोरी से किशोरी को भगा ले गए थे, दूसरा आरोपी फरार

चंदौली23 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

चंदौली जिले के विशेष न्यायाधीश पाक्सो राजेंद्र कोर्ट ने शनिवार की देर शाम दुष्कर्म के मामले की सुनवाई की। उन्होंने साक्ष्यों और तर्कों के आधार पर आरोपी सोनू कुमार को दोषी पाया और 22 साल की सजा सुनाई। साथ ही दोषी पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड जमा नहीं करने पर दोषी को एक वर्ष की अतिरिक्त सजा जेल में गुजारनी होगी। अभियोजन की ओर से विशेष अधिवक्ता शमशेर सिंह ने अदालत में साक्ष्य और तर्क प्रस्तुत किया।

3 दिन तक बंधक बनाए रखा

आपको बता दें कि बलुआ थाना क्षेत्र की 14 वर्षीय पीड़िता के चाचा ने का आरोप था कि उसकी भतीजी 29 जून 2020 को सायं चार बजे घर से लापता हो गई। काफी खोजबीन के बाद भी उसका कहीं पता नहीं चल सका। इससे शक के आधार पर उसने अज्ञात के खिलाफ बहला-फुसलाकर ले जाने की रिपोर्ट थाने में लिखाई। बाद में पता चला कि गांव के ही सोनू कुमार गोंड और सतीश कुमार उनकी भतीजी को भगाकर ले गए हैं। दोनों ने 3-4 दिन उसके साथ दुष्कर्म किया। इस पर पुलिस ने थाने में दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की। इस दौरान आरोपी सतीष कुमार फरार हो गया। वह चहनियां ब्लाक में जिला पंचायत सदस्य था। वह आज तक फरार ही है। फिलहाल उसकी पत्रावली अलग कर दी गई है। लेकिन सोनू कुमार गोंड के विरुद्ध मुकदमा चला। इस मामले में शनिवार को विशेष न्यायाधीश पाक्सो कोर्ट में सुनवाई हुई।

बाजार ले जाने के बहाने ले गए

पीड़िता ने भी अपने बयान में बताया कि दोनों आरोपी बाजार ले जाने के बहाने अपने नानी के घर ले गए। वहां दोनों ने बलात्कार किया। अभियोजन की ओर से विशेष अधिवक्ता पाक्सो शमशेर बहादुर सिंह, अवधेश नारायण सिंह और रमाकांत उपाध्याय ने मुकदमें की पैरवी की। उन्होने बताया कि दोष सिद्ध होने पर सोनू कुमार गोंड को धारा-363 आईपीसी में चार वर्ष, धारा-366 आईपीसी में पांच वर्ष की सजा और पांच हजार रुपया जुर्माना लगाया। वहीं धारा-4 (2) पाक्सो एक्ट में 22 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई। वहीं 25 हजार रुपया जुर्माना लगाया। जुमार्ना न देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतने का फैसला सुनाया।

खबरें और भी हैं…

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published.