गुजरात में पहली बार सत्ता में कैसे आई भाजपा, भगवा पार्टी के लिए बना सबसे ताकतवर राजनीतिक गढ़

भाजपा इस राज्य में 22 साल से सत्ता में है। 1995 में सत्ता के बागडोर संभालने के बाद 1998 और उसके बाद 2002, 2007, 2012 और 2017 के बाद अब 2022 की बारी आ गई है। यह कहना गलत नहीं होगा कि बीजेपी के लिए गुजरात सबसे मजबूत और ताकतवर राजनीतिक गढ़ है।

गुजरात विधानसभा चुनाव 2022 की तैयारियां भाजपा पार्टी ने जोरो-शोरों से शुरू कर दी है। भाजपा और कांग्रेस पार्टी के अलावा इस बार आम आदमी पार्टी भी इस चुनाव के लिए अपनी पूरी ऊर्जा और ताकात झोंक रहा है। भाजपा इस राज्य में 22 साल से सत्ता में है। 1995 में सत्ता के बागडोर संभालने के बाद 1998 और उसके बाद 2002, 2007, 2012 और 2017 के बाद अब 2022 की बारी आ गई है। यह कहना गलत नहीं होगा कि बीजेपी के लिए गुजरात सबसे मजबूत और ताकतवर राजनीतिक गढ़ है। साल 2017 के चुनाव परिणाम के बाद भाजपा लगातार गुजरात में खुद को मजबूत करने में लगा हुआ है। विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 99 सीटों पर जीत दर्ज की थी और  इसी के बदौलत अपनी सरकार बनाई।

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2017 गुजरात विधानसभा चुनाव कैसा था?

इस चुनाव में तीन महत्वपूर्म नेता निकल कर सामने आए थे। दलित नेता जिगनेश मवानी, हार्दिक पटेल और ओबीसी नेता अल्पेश ठाकुर। इन तीनों से कांग्रेस पार्टी को भारी समर्थन मिलने की उम्मीद थी और हार्दिक पटेल ने किसी हद तक पाटीदार आंदोलन की अगुवाई करते हुए कांग्रेस को बड़ा फायदा पहुंचाया था। लेकिन अब जब हार्दिक ने कांग्रेस को छोड़ बीजेपी का दामन थामा है तो इससे आने वाले चुनाव में भाजपा को बहुत बड़ा फायदा मिलने वाला है।

बात करें भाजपा की तो, 22 साल के कार्यकाल में बीजेपी का इतिहास भी कुछ ऐसा रहा है जिसका विपक्षी पार्टी ने जमकर फायदा उठाया। साल 2002 का गोधरा कांड जिसने देश की राजनिति पर अपना गहरा प्रभाव छोड़ा था। बीजेपी के लिए गुजरात 2017 विधनासभा चुनाव का परिणाम पार्टी के अनूकुल नहीं था। जीतने के बावजूद बीजेपी ने लगातार गुजरात में अपनी पार्टी को मजबूत बनाए रखने के लिए कई कड़े प्रयास किए और इसी का नतीजा यह निकला कि साल 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को बड़ी जीत हासिल हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात में कई रैलियां निकाली और जनता को संबोधित किया और अपने किए गए कामों को जनता तक पहुंचाया। धारा 370 के निरस्त होने और ट्रिपल तलाक, पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक ,जनधन खाता और राम मंदिर विवाद के समाधान के बलबूते राज्य की लोकसभा की सभी 26 सीटों पर जीत दर्ज की। भाजपा को राज्यसभा चुनाव में भी भारी सफलकता हासिल हुई थी।

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नगर निकाय चुनाव में भाजपा को मिला था भारी बहुमत

गुजरात में स्थानीय चुनाव में कुल 81 नगर पालिकाओं में से 75 पर भाजपा को जीत मिली। वहीं बीजेपी ने 31 जिला पंचायचों में से 31 पर जीत हासिल की। गुजरात की 6 नगरपालिका चुनाव में 576 सीटें थी जिसमें भाजपा ने 483 सीटों पर कब्जा जमाया था। 2017 का गुजरात चुनाव भाजपा के लिए काफी अहम था क्योंकि इसी से 2019 के लोकसभा चुनाव की भविष्यवाणी होनी थी।

2022 के विधानसभा चुनाव के लिए कितनी तैयार है बीजेपी

साल 2017 के विधानसभा चुनाव के मुकाबले भाजपा इस साल यानि कि 2022 के विधानसभा चुनाव के लिए पहले से ज्यादा मजबूत बनकर लौटी है। जिस पाटीदार समुदाय के युवा नेता ने 2017 के चुनाव में कांग्रेस को फायदा पहुंचाया था आज वहीं भाजपा में शामिल हो गए है। उनके आने से भाजपा को पटेल समुदाय से भारी बहुमत हासिल होगा। गुजरात विधानसभा चुनाव 2022 में भाजपा ने 150 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है।

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