कोर्ट में नेशनल अवार्ड विनर जज ने बुजुर्ग महिला के सामने जोड़े हाथ, भावुक नजारा देखकर लोगों ने की तारीफ

हाइलाइट्स

अगर न्यायाधीश अदालत में फरियादी का आशीर्वाद लेने लगे तो निश्चित तौर पर ये रेयरेस्ट ऑफ रेयर नज़ारा कहा जायेगा.
बुजुर्ग महिला इतनी अभिभूत हो गई कि जज विनोद कुमार को जी भर के आशीर्वाद देने लगी.

धमतरी. अदालतों में जज को माई लार्ड बोलने की परंपरा है. न्यायाधीश के न्याय के सामने फरियादी हो या वादी या अपराधी सभी को नतमस्तक होना पड़ता है. लेकिन, अगर न्यायाधीश अदालत में फरियादी का आशीर्वाद लेने लगे तो निश्चित तौर पर ये रेयरेस्ट ऑफ रेयर नज़ारा कहा जायेगा. शनिवार को लगे नेशनल लोक अदालत में कुछ ऐसा ही हुआ.

दरअसल लोक अदालत में कुटुम्ब विवाद के मामलों की सुनवााई हो रही थी, जज थे विनोद कुमार. एक वृद्ध महिला को उसका बेटा भरण पोषण नहीं दे रहा था. मां के लाख गुहार लगाने पर भी बेटा सुन नहीं रह था. बुजुर्ग महिला का और कोई सहारा नहीं था. महिला ने कोर्ट से मदद मांगी. जज ने उसके बेटे को कुछ ऐसा समझाया कि बेटा अब अपनी मां को 3 हज़ार रुपये हर महीने देने को राजी हो गया. इस राजीनामे से बुजुर्ग महिला इतनी अभिभूत हो गई कि जज विनोद कुमार को जी भर के आशीर्वाद देने लगी.

आशीर्वाद लेने हाथ जोड़ कर खड़े हो गए

अपनी मां की उम्र की महिला की भावना का आदर करते हुए जज विनोद कुमार अपनी कुर्सी से उतरकर महिला का आशीर्वाद लेने हाथ जोड़ कर खड़े हो गए, ये नज़ारा अदालत और जज दोनों की मानवीय संवेदना की झलक दिखलाता है. लोक अदालत में कुल 43 कुटुुंब विवाद के मामले थे, जिनमे से 28 मामलों में जज ने राजीनामा करवा दिया. आपको जानकर हैरानी होगी कि ज्यादातर मामले तलाक के थे. लेकिन, राजीनामा होने के बाद अब ये परिवार बिखरने से बच गए. बेहद कम उम्र के दंपत्ती जो एक दूसरे से अलग होने अदालती लड़ाई बरसो से लड़ रहे थे वो. अपनी लड़ाई भूल कर फिर से नया जीवन जीने को राजी हो गए और एक दूसरे के लिए जो मन में मैल था वो, अदालत में धो कर साफ कर दिया. टूटता घर जुड़ जाने का श्रेय सभी ने जज को दिया.

राजीनामा करवाने के लिए मिल चुका है नेशनल अवार्ड 

इन मामलों की कानूनी लड़ाई के लिए पैरवी करने वाले वकील पार्वती वाधवानी और राजेश दिवान ने बताया कि ऐसा धमतरी के अदालत में पहली बार हुआ है. जब तलाक से ज्यादा राजीनामा में केस खत्म हुुुआ है. वकीलों के मुताबिक ये नतीजे जज विनोद कुमार के कारण आए है. उन्होंने ये भी बताया कि जज विनोद कुमार को एक दिन में सबसे ज्यादा राजीनामा करवाने पर नेशनल अवार्ड भी मिल चुका है.

Tags: Chhattisgarh case, Dhamtari, Positive Story

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