कहीं आपको थायरॉइड कैंसर तो नहीं, पहचानें इन लक्षणों से

थायरॉइड वास्तव में एक तितली के आकार की ग्रंथि होती है। थायरॉइड कैंसर की शुरूआत में भले ही कोई लक्षण नजर ना आए, लेकिन जब यह धीरे-धीरे बढ़ने लगता है, तो इससे आपको गर्दन में सूजन, आवाज में बदलाव और निगलने में कठिनाई जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं।

कैंसर एक बेहद ही घातक बीमारी है, जो शरीर की कोशिकाओं में कैंसर की वृद्धि के कारण होता है। आमतौर पर लोग लंग कैंसर या फिर ब्रेस्ट कैंसर आदि की ही बात करते हैं। जबकि थायरॉइड कैंसर भी उतना ही घातक हो सकता है। थायरॉइड कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि है जो थायरॉयड में शुरू होती है। थायरॉइड वास्तव में एक तितली के आकार की ग्रंथि होती है। थायरॉइड कैंसर की शुरूआत में भले ही कोई लक्षण नजर ना आए, लेकिन जब यह धीरे-धीरे बढ़ने लगता है, तो इससे आपको गर्दन में सूजन, आवाज में बदलाव और निगलने में कठिनाई जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको थायरॉइड कैंसर के कुछ लक्षणों के बारे में बता रहे हैं, जिनके आधार पर आप समय रहते इस कैंसर की पहचान कर इलाज करवा सकते हैं-

थायरॉइड कैंसर होने पर नजर आ सकते हैं ये लक्षण

प्रारंभिक अवस्था में थायरॉइड कैंसर के लक्षण शायद नजर ना आए, लेकिन जब थायरॉइड कैंसर धीरे-धीरे बढ़ता है तो ऐसे में आपको कुछ बदलाव नजर आ सकते हैं। मसलन-

– गर्दन पर आपको गांठ महसूस हो सकती है।

– समय के साथ आपकी आवाज में बदलाव होता है।

– कुछ लोगों को खाते समय निगलने में परेशानी हो सकती है।

– चूंकि थायरॉइड कैंसर थायरॉइड ग्रंथि को प्रभावित करता है, इसलिए व्यक्ति को गर्दन और गले में दर्द हो सकता है।

– आपको गर्दन में लिम्फ नोड्स में सूजन हो सकती है या खांसी के कारण परेशानी हो सकती है।

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डॉक्टर को कब दिखाएं

अगर आपको इनमें से कोई भी लक्षण नजर ना आए तो इसे नजरअंदाज ना करें, बल्कि आप तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। आप डॉक्टर की सलाह पर कुछ आवश्यक परीक्षण करवा सकते हैं। मसलन, ब्लड टेस्ट के जरिए यह चेक किया जाता है कि थायरॉइड ग्रंथि ठीक से काम कर रही है या नहीं। इसी तरह, थायरॉयड से कैंसर कोशिकाओं के परीक्षण के लिए बायोप्सी भी की जा सकती है। कई बार डॉक्टर इमेजिंग टेस्टिंग के जरिए यह पता लगाते हैं कि इससे कैंसर अन्य भागों में फैला है या नहीं।

– मिताली जैन

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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