कर्नाटकः भाजयुमो महासचिव की हत्या में PFI का हाथ, आरोपित सदस्य गिरफ्तार, NIA ने किया खुलासा

हाइलाइट्स

भाजपा युवा मोर्चा के महासचिव प्रवीन नैथारु की हत्या के मामले में शामिल आरोपी शाहिद को गिरफ्तार कर लिया.
गिरफ्तार आरोपित शाहिद प्रतिबंधित संगठन पीएफआई का सदस्य बताया जा रहा है.
इसी वर्ष 26 जुलाई को प्रवीण की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी.

ओपी त्रिपाठी/ बेंगलुरु. नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने कर्नाटक के बेलारी जिले के भाजपा युवा मोर्चा के महासचिव प्रवीन नैथारु की हत्या के मामले में शामिल आरोपी शाहिद को छापेमारी के बाद गिरफ्तार कर लिया. शाहिद प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) का सदस्य बताया जा रहा है. एनआईए ने इस हत्याकांड के संबंध में कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ इलाके में छापेमारी की थी. प्रवीण की हत्या 26 जुलाई 2022 को धारदार हथियारों के जरिए की गई थी. यह आरोप था कि प्रवीण की हत्या में पीएफआई के लोगों का हाथ है.

जांच के दौरान सामने आया था हत्या का मकसद
पीएफआई से जुड़े मसूद नाम के शख्स की हत्या का बदला लेना था और इसके साथ ही आम लोगों में दहशत पैदा करना था. अभी तक की जांच के दौरान पता चला है कि शाहिद इस षड्यंत्र में शामिल था. साथ ही वह उस बैठक में भी शामिल था जिस बैठक में कुछ राजनीतिक संगठनों के की नेताओं की हत्या निर्णय लिया गया था. एनआईए इस मामले में अब तक 14 आरोपियों को इसके पहले गिरफ्तार कर चुका है.

छापेमारी के दौरान बरामद हुआ आपत्तिजनक दस्तावेज
छापेमारी के दौरान एनआईए को कुछ आपत्तिजनक दस्तावेज भी बरामद हुए हैं जिनके आकलन का काम जारी है. नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने इस मामले में 5 नवंबर को बेंगलुरु और दक्षिण कन्नड़ इलाके में अनेक जगहों पर छापेमारी कर 3 लोगों को गिरफ्तार किया था. इनके नाम मोहम्मद इकबाल, इस्माइल सैफी और इब्राहिम शा बताए गए हैं. एनआईए का दावा है कि यह पूरा हत्याकांड एक सोची-समझी साजिश के तहत किया गया था.

PFI के सदस्यों की हुई थी बैठक
साथ ही इस वारदात को अंजाम देने का मकसद पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया द्वारा अपने लोगों की हत्या का बदला लेने के साथ-साथ आम जनता में यह दहशत पैदा करना था कि पीएफआई के खिलाफ कोई आवाज ना उठाए. छापेमारी के दौरान नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी को अनेक दस्तावेज बरामद भी हुए हैं, जिनसे पता चलता है कि इन लोगों ने बड़े पैमाने पर कुछ और साजिश से भी रची हुई थी. साथ यह भी पता चला है कि इस हत्याकांड के पहले इन लोगों की एक बड़ी बैठक हुई थी.

अभी भी जारी है जांच
इस बैठक के दौरान कुछ राजनीतिक संगठनों के नेताओं को चिन्हित कर उनकी हत्या की साजिश भी रची जा रही थी. इस पूरी साजिश का मकसद पीएफआई के आतंक को बढ़ाना था. नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने इस मामले की जांच के दौरान फरार चार आरोपियों पर इनाम भी घोषित किया था. फिलहाल इस मामले की जांच अभी भी जारी है. एनआईए आने वाले समय में गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पूरक आरोप पत्र कोर्ट के सामने दाखिल करेगी.

Tags: Karnataka, PFI

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